’विकसित भारत-जीरामजी योजना’ केवल रोजगार नहीं, स्थायी आजीविका की गारंटी: विजय सिंह
जयपुर/कोटपूतली | 13 जनवरी, 2026
| नरेश गुनानी
राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग राज्यमंत्री तथा कोटपूतली-बहरोड़ जिला प्रभारी मंत्री विजय सिंह ने कहा है कि ‘विकसित भारत-जीरामजी योजना’ ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव लाने वाली साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल रोजगार का वादा मात्र नहीं है, बल्कि ग्रामीण आबादी के लिए स्थायी आजीविका की एक ठोस गारंटी है।
विजय सिंह सोमवार रात कोटपूतली-बहरोड़ की ग्राम पंचायत बसई में आयोजित जनसुनवाई और रात्रि चौपाल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की नींव को मजबूत करेगी।
ग्रामीण विकास का नया डिजिटल ढांचा
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नरेगा को नए और प्रभावी प्रावधानों के साथ प्रस्तुत किया है। ‘विकसित भारत-जीरामजी योजना’ का मुख्य उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- डिजिटलीकरण: राज्यों के सहयोग से पूरी योजना को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
- पंचायतों का सशक्तिकरण: ग्राम पंचायतों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने का अधिकार दिया गया है।
- पारदर्शिता: नरेगा की पिछली कमियों को दूर कर ग्रामीण सभाओं को अधिक शक्तिशाली बनाया जाएगा।
मजदूरों के लिए बड़े प्रावधान: 125 दिन का काम और ब्याज सहित भुगतान
विजय सिंह ने योजना के तहत मिलने वाले लाभों का विस्तार से विवरण साझा किया:
- कार्य दिवस: योजना के तहत पंजीकृत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।
- त्वरित भुगतान: मजदूरी की राशि 7 दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
- देरी पर ब्याज: यदि भुगतान में 15 दिन से अधिक की देरी होती है, तो मजदूरों को ब्याज सहित राशि पाने का अधिकार होगा।
- गारंटी कार्ड: एक नया ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी किया जाएगा, जो काम मांगने और मजदूरी प्राप्त करने के लिए एक वैध दस्तावेज होगा।
- कौशल विकास: योजना में स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
जनसुनवाई: मौके पर समस्याओं का निस्तारण
रात्रि चौपाल के दौरान प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी परिवादों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में विकास और जनसुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
अन्य प्रमुख योजनाओं की जानकारी
चौपाल में विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थीं:
- कृषि: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, तारबंदी योजना, पीएम किसान सम्मान निधि।
- ऊर्जा व स्वास्थ्य: सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना।
- महिला व बाल विकास: लाडो प्रोत्साहन योजना, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान।
- स्वच्छता: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल संचय जन भागीदारी अभियान।
विजय सिंह ने अंत में दोहराया कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है और ‘विकसित भारत-जीरामजी योजना’ इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

