विकसित भारत और राजस्थान के लक्ष्य में वैश्य समाज की भूमिका महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री
| नरेश गुनानी
जयपुर, 14 मार्च 2026 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को जयपुर के भांकरोटा में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने समाज की एकजुटता और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वैश्य समाज देश की आर्थिक रीढ़ है, जिसने हजारों वर्षों से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।
’युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें’
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में साहस के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को केवल रोजगार की तलाश नहीं करनी चाहिए, बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। उन्होंने समाज के अनुभवी व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल को युवाओं के साथ साझा करें ताकि स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल सके।
औद्योगिक विकास और निवेश पर सरकार का फोकस
भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास का रोडमैप साझा करते हुए बताया कि:
- राइजिंग राजस्थान समिट: पहले ही वर्ष में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।
- नीतिगत सुधार: खनन, पर्यटन और उद्योग के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं।
- वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP): इस योजना के माध्यम से हर जिले के स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है।
- बुनियादी ढांचा: यमुना जल समझौते और रामजल सेतु जैसी परियोजनाओं के माध्यम से उद्योगों और खेती के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ऊर्जा क्षेत्र में 8,261 मेगावाट की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है। वर्तमान में 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है और 2027 तक पूरे प्रदेश में यह सुविधा उपलब्ध होगी।
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में नौकरियां देने के अपने वादे की ओर तेजी से बढ़ रही है। अब तक सवा लाख नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और वर्ष 2026 के लिए भी सवा लाख पदों का भर्ती कैलेंडर घोषित किया गया है।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनेगा राजस्थान दिवस
एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष के दिन ही वृहद् राजस्थान की स्थापना हुई थी, इसलिए इस वर्ष 19 मार्च को यह उत्सव राजस्थान की संस्कृति और गौरव के प्रतीक के रूप में मनाया जाएगा।
जनकल्याण में राजस्थान अग्रणी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान आज 11 जनकल्याणकारी योजनाओं में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने में मदद करें।
विशेष: कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, सांसद मदन राठौड़, दामोदर अग्रवाल और विधायक कालीचरण सराफ सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
