जयपुर /योगेश शर्मा/ हिंदी साहित्य, काव्य लेखन और मंच संचालन के क्षेत्र में अपनी अनूठी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली युवा कवयित्री प्रतीक्षा यादव को प्रतिष्ठित ‘भारत सम्मान 2026’ से नवाजा जाएगा। वानस्थली विद्यापीठ की कक्षा 12 की छात्रा प्रतीक्षा यादव ने बहुत ही कम उम्र में यह राष्ट्रीय गौरव हासिल कर प्रदेश और अपनी शिक्षण संस्था का नाम देश भर में रोशन किया है।
यह प्रतिष्ठित सम्मान आगामी 19 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध ‘लीला एम्बिएंस कन्वेंशन होटल’ में आयोजित होने वाले एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस वर्ष देशभर से विभिन्न क्षेत्रों की केवल 51 विशिष्ट प्रतिभाओं को ही इस सम्मान के लिए चुना गया है, जिनमें प्रतीक्षा भी शामिल हैं। आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की तिथि और स्थल की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियाँ, काव्य मंचों पर बिखेरा जलवा
प्रतीक्षा यादव ने बेहद कम आयु में ही हिंदी साहित्य और देश के बड़े काव्य मंचों (कवि सम्मेलनों) पर अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान बनाई है।
- देशभर में प्रस्तुतियाँ: उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित अनेक प्रतिष्ठित कवि सम्मेलनों, साहित्यिक गोष्ठियों और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रभावशाली कविताओं और बेहतरीन मंच संचालन (एंकरिंग) से दर्शकों व प्रबुद्ध साहित्यकारों की व्यापक सराहना बटोरी है।
- पूर्व में मिले पुरस्कार: उनके खाते में पहले से ही कई राष्ट्रीय स्तर के सम्मान और पुरस्कार दर्ज हैं। उनके इसी निरंतर उत्कृष्ट साहित्यिक सफर और पूर्व उपलब्धियों को आधार बनाते हुए चयन समिति ने उन्हें ‘भारत सम्मान 2026’ के लिए योग्य पाया है।
केंद्रीय मंत्रियों और गणमान्य अतिथियों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में होने वाले इस गरिमामयी समारोह में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री किरन रिजीजू और वरिष्ठ राजनीतिक नेता तरुण चुघ सहित देश की कई बड़ी हस्तियां शिरकत कर सकती हैं।
इस राष्ट्रीय मंच पर विभिन्न नीति-निर्माता, शीर्ष शिक्षाविद, उद्योग जगत के दिग्गज और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के उपस्थित रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, अतिथियों की अंतिम और आधिकारिक सूची आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की तारीख के ठीक पहले जारी की जाएगी।
युवा रचनाकारों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
प्रतीक्षा यादव की इस शानदार राष्ट्रीय उपलब्धि पर वानस्थली विद्यापीठ प्रशासन, उनके शिक्षकों और परिवार में हर्ष का माहौल है। साहित्य जगत के जानकारों का मानना है कि इतनी छोटी उम्र में राष्ट्रीय स्तर का यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलना प्रतीक्षा के साहित्यिक सफर में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, उनकी यह सफलता हिंदी साहित्य और लेखन से जुड़े देश के तमाम युवा रचनाकारों और छात्राओं के लिए एक महान प्रेरणा का केंद्र बनेगी।