वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 13वां दौर : ऊर्जा सुरक्षा और निवेश के नए अवसर
गणपत चौहान, ब्यूरो चीफ़, छत्तीसगढ़ ,22 अगस्त 2025
नई दिल्ली,वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 13वें दौर के तहत कोयला मंत्रालय ने देशभर में 14 कोयला खदानें नीलामी के लिए पेश की हैं। इनमें से 4 खदानें कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 (सीएमएसपी) के अंतर्गत और 10 खदानें खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर) के तहत शामिल की गई हैं।
इन 14 खदानों में 10 पूरी तरह से अन्वेषित खदानें हैं, जो तत्काल विकास और उत्पादन के लिए तैयार हैं। वहीं, 4 खदानें आंशिक रूप से अन्वेषित हैं, जो दीर्घकालिक निवेश और कोयला उद्योग में नई संभावनाओं के द्वार खोलती हैं। इसके अलावा, पिछली नीलामी में शामिल 3 खदानों को भी इस चरण में पुनः पेश किया जा रहा है।
ये खदानें देश के प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थित हैं। इससे इन राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी।
कोयला मंत्रालय का कहना है कि इस नीलामी से न केवल घरेलू कोयले की आपूर्ति बढ़ेगी बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। इससे बिजली उत्पादन और औद्योगिक विकास को स्थिरता मिलेगी। साथ ही, मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि खनन कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों के कल्याण और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को आत्मनिर्भर कोयला अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।