जयपुर/ नरेश गुनानी/कर चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत वाणिज्यिक कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की जोनल टीमों ने जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन सर्वे और जांच की। प्रारंभिक जांच में निर्माण (कंस्ट्रक्शन), वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट और रेस्टोरेंट क्षेत्र से जुड़ी फर्मों में कर कानूनों के गंभीर उल्लंघन के संकेत मिले हैं।
प्रमुख फर्मों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा:
- रोडलिंक इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड (अजमेर रोड, जयपुर): प्रारंभिक जांच में पात्रता से अधिक ITC का उपयोग करने, अपात्र (ब्लॉक्ड) ITC का लाभ लेने तथा करमुक्त व करयोग्य सेवाओं से संबंधित ITC के समुचित समायोजन में अनियमितताएं पाई गईं। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 1 करोड़ रुपये की कर राशि स्वेच्छा से जमा करवाई।
- बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (साइबर पार्क, जोधपुर): जांच के दौरान अतिरिक्त ITC के उपयोग और अपात्र ITC के समायोजन से संबंधित लगभग 21 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई है। करदाता को विस्तृत अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- मेहर कंस्ट्रक्शन (जैसलमेर): सर्वे में सामने आया कि फर्म अपनी अधिकांश कर देयता का भुगतान ITC के माध्यम से कर रही थी, जिसमें अपात्र ITC के उपयोग की आशंका है। यहां लगभग 30 लाख रुपये की संभावित कर गड़बड़ी सामने आई है।
- शावर्मा ब्रदर्स (मालवीय नगर, जयपुर): रेस्टोरेंट सेवाओं पर अपात्र ITC लेने के अलावा, घोषित व्यावसायिक पते के भौतिक सत्यापन के दौरान पाया गया कि वहां कोई गतिविधि संचालित नहीं हो रही थी और संपत्ति पूर्व में बेची जा चुकी थी। मामले में करदाता को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड तलब किया गया है।
दस्तावेजों की सघन जांच जारी
वाणिज्यिक कर विभाग की संबंधित जोनल टीमों द्वारा सभी मामलों में करदाताओं के लेखा अभिलेखों, खरीद-बिक्री विवरणों और अन्य दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी