राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड करेगा लघु नवीकरणीय ऊर्जा पार्कों एवं परियोजनाओं का विकास
एमएसएमई इकाइयों को मिलेगा विशेष लाभ, हरित ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मिलेगी सहूलियत
कंपनियों को अलग से बड़े प्लांट लगाने के झंझट से मिलेगी मुक्ति, दीर्घकालिक आधार पर होगी ग्रीन पावर की आपूर्ति
जयपुर/नरेश गुनानी/राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड ने राज्य के वाणिज्यिक और औद्योगिक (सीएंडआई) उपभोक्ताओं की बढ़ती हरित ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। निगम अब उपयुक्त स्थानों पर लघु नवीकरणीय ऊर्जा पार्क (Small RE Parks) और अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं विकसित करेगा। इस कदम से उद्योगों को अपने निर्धारित और स्वैच्छिक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों (RE Goals) को हासिल करने के लिए एक सुव्यवस्थित, विश्वसनीय और सुविधाजनक मंच उपलब्ध होगा।
एमएसएमई इकाइयों को विशेष प्राथमिकता
इस योजना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। अक्सर छोटे उद्योगों के पास स्वयं के बड़े सौर या पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त पूंजी और भूमि नहीं होती। इस योजना के जरिए ऐसे उपभोक्ता बिना किसी जटिलता के सीधे हरित ऊर्जा खरीद सकेंगे, जिससे उनके बिजली खर्च में कमी आएगी और वे अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकेंगे।
उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप तैयार होगा मॉडल
निगम के इस मॉडल के तहत उपभोक्ताओं की वास्तविक ऊर्जा आवश्यकता, भविष्य के लक्ष्य और परियोजना की व्यावहारिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर अक्षय ऊर्जा पार्कों का विकास किया जाएगा। इससे औद्योगिक इकाइयों को स्वयं अलग से बड़े प्रोजेक्ट विकसित करने और उनके रखरखाव की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके अलावा कंपनियों को दीर्घकालिक ऊर्जा नियोजन (Long-term Energy Planning) और ग्रीन पावर की निर्बाध आपूर्ति में सीधी सुविधा मिलेगी।
जोधपुर से होगी शुरुआत, 50 मेगावाट का पहला प्रोजेक्ट
निगम इच्छुक उपभोक्ताओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अन्य पात्र संस्थाओं से सीधा समन्वय स्थापित कर उनकी ऊर्जा जरूरतों का तकनीकी और वाणिज्यिक आकलन कर रहा है। पहल के प्रारंभिक चरण के अंतर्गत जोधपुर जिले में 50 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद राज्य के अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी इस तरह के छोटे नवीकरणीय ऊर्जा पार्क स्थापित किए जाएंगे।