वर्ल्ड क्लास केमिकल हब बने राजस्थान: आरतिया ने की मांग, निवेश व रोजगार में दिखा बड़ा अवसर
Edited By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 08,2025
जयपुर। राजस्थान को वैश्विक स्तर पर रासायनिक उद्योग का केंद्र बनाने की मांग एक बार फिर तेज़ हो गई है। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) ने राजस्थान सरकार से अपील की है कि वह डबल इंजन सरकार की स्थिति का लाभ उठाकर प्रदेश में वर्ल्ड क्लास केमिकल हब स्थापित करने की पहल करे।
आरतिया के पदाधिकारियों विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सर्राफ, प्रेम बियाणी, अजय गुप्ता, ज्ञान प्रकाश, राजीव सिंघल, आयुष जैन, तरुण सारड़ा, कैलाश शर्मा और ओ. पी. राजपुरोहित ने संयुक्त बयान में कहा कि भारत सरकार के नीति आयोग ने हाल ही में देश को वैश्विक रसायन बाजार में पावरहाउस बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुरूप राजस्थान को तत्काल प्रभाव से कार्य करना चाहिए।
देश में तेजी से बढ़ रहा केमिकल कारोबार
भारत में वर्तमान में रासायनिक उत्पादों का कारोबार करीब 270–300 अरब डॉलर है। अनुमान है कि यह व्यापार 2030 तक 450 अरब डॉलर और 2040 तक 1000 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। यानी अगले 15 वर्षों में यह क्षेत्र साढ़े तीन गुना तक बढ़ने वाला है। इस विकास को ध्यान में रखते हुए देश में ग्लोबल लेवल के केमिकल हब की आवश्यकता बढ़ गई है।
अन्य राज्यों में भी प्रक्रिया जारी
गौरतलब है कि विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), दाहेज (गुजरात), पारादीप (ओडिशा) और तमिलनाडु में दो स्थानों पर इस प्रकार के केमिकल हब की स्थापना प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में राजस्थान भी इस दौड़ में आगे बढ़े, इसके लिए अब गंभीर प्रयासों की ज़रूरत बताई जा रही है।
राजस्थान क्यों है उपयुक्त?
टीम आरतिया का कहना है कि राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त राज्य है जहाँ भूमि, संसाधन और बुनियादी ढांचे की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। हाड़ौती और मेरवाड़ा–मेवाड़ क्षेत्र इस हब के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माने गए हैं।
- एक वर्ल्ड क्लास केमिकल हब के स्थापित होने से 50,000 से 1,00,000 लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है।
- 1 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश संभव है।
- इससे राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा।
कौशल विकास की भी आवश्यकता
आरतिया का यह भी कहना है कि केमिकल इंडस्ट्री के लिए आवश्यक कुशल मैनपावर तैयार करने हेतु राज्य में विशेष प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाने चाहिए। यदि निजी क्षेत्र ऐसे संस्थानों की स्थापना करता है तो सरकार को उन्हें विशेष प्रोत्साहन देना चाहिए।
पेट्रोकेमिकल क्लस्टर का काम भी ठप
हालांकि बाड़मेर जिले में पेट्रोकेमिकल क्लस्टर प्रस्तावित है, लेकिन उसका कार्य अभी तक अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। इसे पुनः सक्रिय करने और गति देने की भी ज़रूरत है।
निवेश प्रस्तावों के लिए खुला मंच
टीम आरतिया ने सुझाव दिया है कि राज्य सरकार को निवेश प्रस्ताव आमंत्रित करने चाहिए और केमिकल सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं घोषित करनी चाहिए।