जयपुर / नरेश गुनानी/ राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026’ के तहत मंगलवार को राजधानी जयपुर के ढेहर का बालाजी रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम के लिए दूसरी विशेष ट्रेन को रवाना किया गया। इस पावन यात्रा को प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने हरी झंडी दिखाई। ट्रेन के प्रस्थान के समय पूरा स्टेशन ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
1,000 यात्रियों का दल दक्षिण भारत के लिए रवाना
जयपुर संभाग के कुल 970 वरिष्ठ नागरिक इस ट्रेन के जरिए रामेश्वरम और मदुरई के धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल को ध्यान में रखते हुए 30 अधिकारियों-कर्मचारियों का एक विशेष दल भी साथ भेजा गया है, जिसमें ट्रेन प्रभारी, अनुदेशक और मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इस प्रकार कुल 1,000 लोग इस सफर का हिस्सा बने हैं।
जिलावार तीर्थयात्रियों की संख्या:
- दौसा: 528 तीर्थयात्री (सर्वाधिक)
- खैरथल-तिजारा: 316 वरिष्ठ नागरिक
- जयपुर: 126 बुजुर्ग
यात्रा का 8-दिवसीय विस्तृत शेड्यूल
यह विशेष ट्रेन दक्षिण भारत के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग और प्रमुख मंदिरों का दर्शन कराएगी:
- 06 अगस्त: ट्रेन रामेश्वरम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु भगवान रामेश्वरम के दर्शन करेंगे। यहां यात्रियों के लिए एक दिन का विशेष ठहराव रहेगा।
- 07 अगस्त: सभी यात्रियों को मदुरई ले जाया जाएगा, जहां वे प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
- 11 अगस्त: दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के पश्चात ट्रेन वापस जयपुर लौटेगी।
”बुजुर्गों की आस्था को साकार कर रही सरकार”
इस अवसर पर देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि प्रदेश के बुजुर्गों की जीवनभर की आस्था को पूरा करने का एक पवित्र प्रयास है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप देवस्थान विभाग यात्रियों के सुरक्षा, भोजन और ठहरने के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित कर रहा है, ताकि बुजुर्गों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
स्टेशन पर विदाई के समय देवस्थान विभाग द्वारा सभी यात्रियों का माला पहनाकर और तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आईआरसीटीसी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।