नई दिल्ली / गौरव कोचर/राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने संगठित वन्यजीव अपराध और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। डीआरआई ने देश के अलग-अलग राज्यों में एक साथ समन्वित अभियान (Coordinated Operations) चलाकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद और लुप्तप्राय प्रजातियों के जीवों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है।

13 शहरों और राज्यों में एक साथ छापेमारी
डीआरआई की टीमों ने देशव्यापी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए बेंगलुरु, वारंगल, पुणे, सूरत, चेन्नई, कोलकाता, त्रिची, मदुरै, श्रीकाकुलम, होजई (असम), राजस्थान, मैसूरु और हावड़ा में एक साथ सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाए।
दुर्लभ जीव और प्रतिबंधित उत्पाद जब्त
इस कार्रवाई के दौरान कानूनन प्रतिबंधित और लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्यजीव उत्पादों को जब्त किया गया है। बरामद किए गए सामानों और जीवों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- वन्यजीव उत्पाद: पैंगोलिन के स्केल (शल्क), तेंदुए की खाल (पेल्ट), समुद्री घोड़े (सीहॉर्स) से बने उत्पाद और कीमती लाल चंदन (रेड सैंडर्स)।
- संरक्षित और दुर्लभ जीव: विभिन्न प्रकार के गिब्बन (बंदर की प्रजाति), दुर्लभ छिपकलियां, कछुए, विदेशी व स्थानीय पक्षी, गिलहरियां, सांप और अत्यंत दुर्लभ व प्रतिबंधित ‘रेड सैंड बोआ’ (दोमुंहा सांप)।
सुरक्षा एजेंसियों का साझा एक्शन
डीआरआई ने इन जटिल ऑपरेशनों को अकेले अंजाम नहीं दिया, बल्कि इसमें देश की शीर्ष सुरक्षा और वन एजेंसियों का मजबूत समन्वय देखने को मिला। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), बेंगलुरु, कोलकाता, त्रिची और मदुरै के सीमा शुल्क (Customs) विभाग की एयरपोर्ट इंटेलिजेंस यूनिट्स, संबंधित राज्यों के वन विभागों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मिलकर इन तस्करों को दबोचा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता और पर्यावरण संरक्षण
डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए ये निरंतर अभियान संगठित वन्यजीव अपराध को रोकने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के प्रति विभाग की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
यह कार्रवाई ‘लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन’ (CITES) के तहत भारत के वैश्विक दायित्वों को और मजबूत करती है, जिससे देश की समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण तंत्र को सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलेगी। मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े मुख्य सरगनाओं की तलाश की जा रही है।