जयपुर, 2 जून। सुनील शर्मा
राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के अंतर्गत सोमवार को जयपुर के शील की डूंगरी बांध पर जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जन-जागरूकता को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 100 ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी निभाई और जल को सहेजने का संकल्प लिया।
मुख्य अभियंता के नेतृत्व में हुआ पारंपरिक जल पूजन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर रहे। उनके नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक और विधि-विधान से जल पूजन के साथ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल अर्घ्य, कैलाश यात्रा, जल पर चुनरी अर्पण और सामूहिक जल शपथ जैसे विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इन पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी संदेश दिया गया।
जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य: भुवन भास्कर
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य अभियंता भुवन भास्कर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य भी है। उन्होंने बदलते परिवेश में वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग), पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और जनभागीदारी पर आधारित जल प्रबंधन को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बांध परिसर में पौधारोपण और स्वच्छता का संकल्प
अभियान के तहत केवल जल ही नहीं, बल्कि प्रकृति को बचाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बांध परिसर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। वहां मौजूद ग्रामीणों और अधिकारियों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने तथा स्थानीय जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु किए जाने वाले सामूहिक प्रयासों से ही जल संरक्षण को एक बड़ा जन आंदोलन बनाया जा सकता है।
जनभागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बना अभियान
उल्लेखनीय है कि ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ के तहत पूरे राज्य में जल संरक्षण, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। शील की डूंगरी बांध पर आयोजित हुआ यह कार्यक्रम जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण प्रयासों का एक बेहतरीन और प्रेरणादायी उदाहरण है।
इस गरिमामय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि गोपाल शर्मा, अधिशासी अभियंता अनिल थालोर, सहायक अभियंता अनुराधा चौधरी, चाकसू नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।