जयपुर, 2 जून। नरेश गुनानी
‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा जयपुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। सोमवार को आयोजित इन गतिविधियों में स्थानीय किसानों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, किसान समूहों और ग्रामीण नागरिकों ने बड़े स्तर पर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योजनाओं की स्वीकृतियां जारी, सूक्ष्म सिंचाई पर रहा जोर
जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान किसानों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे कि स्प्रिंकलर (फव्वारा पद्धति), ड्रिप सिंचाई प्रणाली, पाइपलाइन और फार्म पॉण्ड (खेत तलाई) की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक स्वीकृतियां भी जारी की गईं।
प्रशासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक, जैविक और प्रिसिजन खेती जैसे विषयों पर विशेष कार्यशालाओं और प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पानी की प्रत्येक बूंद के अधिकतम और कुशल उपयोग सहित टिकाऊ कृषि पद्धतियों की बारीकियाँ सिखाईं।
शाहपुरा और दूदू क्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब
अभियान के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में ग्रामीणों की भागीदारी उल्लेखनीय रही:
- शाहपुरा क्षेत्र: इस क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 1805 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान आगामी ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ के तहत किए जाने वाले पौधारोपण कार्यों की रूपरेखा और तैयारियां की गईं। साथ ही, क्षेत्र के विद्यालयों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
- दूदू क्षेत्र: दूदू में आयोजित कार्यक्रमों में करीब 923 किसानों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। यहाँ के कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
- 25 किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
- 20 चयनित स्थानों पर ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की गई।
- 17 किसानों को खाद बनाने की उन्नत कम्पोस्टिंग तकनीकों की जानकारी दी गई।
- 15 किसानों को लघु सिंचाई यंत्रों का लाइव प्रदर्शन कर उनकी उपयोगिता के बारे में समझाया गया।
किसान चौपाल और कृषि गोष्ठियों से मिली तकनीकी जानकारी
विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान चौपालों और कृषि शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, जल संरक्षण आधारित खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट) के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही, ग्राम पंचायतों में पहले से स्वीकृत कार्यों का अवलोकन और लोकार्पण किया गया तथा नए विकास कार्यों की स्वीकृतियां जारी करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कृषि विज्ञान केंद्रों और ग्राम स्तरीय कृषि गोष्ठियों में पहुंचे कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नवीन कृषि अनुसंधान, उन्नत बीजों के चयन, फसल प्रबंधन और जल संरक्षण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की। ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ को गति देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जनसहभागिता के माध्यम से पौध संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संदेश प्रसारित किया गया।
इस पूरे अभियान में कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों, कार्मिकों, जनप्रतिनिधियों, प्रगतिशील कृषकों और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जयपुर जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जल और पर्यावरण संरक्षण की इस जनभागीदारी आधारित मुहिम में अपना निरंतर योगदान दें।
क्या आप इस रिपोर्ट में जयपुर के किसी खास ब्लॉक की जानकारी या किसी विशिष्ट योजना का विवरण और जुड़वाना चाहते हैं?