नरेश गुनानी
जयपुर, 1 मई 2026
जयपुर स्थित लोकभवन में शुक्रवार को महाराष्ट्र और गुजरात राज्य का स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस विशेष अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दोनों राज्यों के स्थानीय निवासियों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय प्रगति में दोनों राज्यों का अतुलनीय योगदान
संवाद के दौरान राज्यपाल ने कहा कि भाषायी आधार पर अलग राज्य बनने के बाद से ही महाराष्ट्र और गुजरात ने भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों प्रदेशों को स्वाधीनता आंदोलन की उर्वर भूमि बताते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सराहा। इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल, महात्मा गांधी और लोकमान्य तिलक जैसे महान जननायकों का सादर स्मरण किया।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का संगम
राज्यपाल ने दोनों राज्यों की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा:
- गुजरात: औद्योगिक विकास के साथ-साथ गुजरात ने अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक और सुदृढ़ सामाजिक परंपराओं से विश्व भर में एक अलग पहचान बनाई है।
- महाराष्ट्र: इसे अध्यात्म, दर्शन और संत परंपराओं की पावन धरती बताते हुए उन्होंने संत तुकाराम और स्वामी समर्थ रामदास जी का उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने छत्रपति शिवाजी, सावरकर और डॉ. भीमराव अम्बेडकर जैसे महापुरुषों को याद किया, जिन्होंने इसी धरती से समाज में सकारात्मक बदलाव की क्रांति शुरू की थी।
”एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना
हरिभाऊ बागडे ने स्पष्ट किया कि लोकभवन में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को साकार करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से हम अपनी “विविधता में एकता” की अनूठी संस्कृति को गहराई से महसूस कर सकते हैं। उन्होंने अतीत की समृद्ध परंपराओं को सहेजने का आह्वान करते हुए दोनों प्रदेशों की निरंतर खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
इस गरिमामयी समारोह में राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी सहित अन्य गणमान्य अतिथि और दोनों राज्यों के प्रवासी नागरिक उपस्थित रहे।