जयपुर | 6 अगस्त | लोकेंद्र सिंह शेखावत | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान और बेहतर अवसर मिल रहे हैं। सरकार की दूरदर्शी खेल नीति और जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष ध्यान के चलते राज्य का दक्षिणी आदिवासी अंचल अब लेक्रोस (Lacrosse) जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
विश्वस्तरीय संसाधनों, आधुनिक प्रशिक्षण और सुविधाओं के बल पर जनजातीय अंचल के युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। अब इन खिलाड़ियों का मुख्य लक्ष्य लॉस एंजेल्स ओलंपिक-2028 में देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है।
लॉस एंजेल्स ओलंपिक-2028 के लिए विशेष तैयारियां
गौरतलब है कि लेक्रोस खेल को वर्ष 1908 के बाद एक बार फिर वर्ष 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया है। इसे एक बड़े अवसर के रूप में देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक स्तर की तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत प्रदेश के खिलाड़ियों को आधुनिक उपकरण, विश्वस्तरीय मैदान और अनुभवी कोच उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मंचों पर रचा इतिहास
राजस्थान के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में लेक्रोस के मैदान पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है:
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- एशियन लेक्रोस गेम्स (रियाद, फरवरी 2026): सऊदी अरब के रियाद में आयोजित इस प्रतियोगिता में राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
- एशियन महिला लेक्रोस चैम्पियनशिप (समरकंद, जून 2024): उज्बेकिस्तान में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए जनजातीय बेटियों ने रजत पदक हासिल किया।
- तृतीय राष्ट्रीय लेक्रोस चैम्पियनशिप: राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र के 55 खिलाड़ियों ने 6 अलग-अलग वर्गों में भाग लेकर 5 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक अपने नाम किया।
- राष्ट्रीय वर्चस्व: पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के कुल 22 स्वर्ण पदकों में से 15 स्वर्ण सहित 19 पदक जीतकर राजस्थान ने देश में अपना दबदबा कायम किया है।
“खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम हैं। विशेष रूप से दूरस्थ जनजातीय अंचल के युवाओं को खेल से जोड़कर उन्हें विश्व मंच तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।”
— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
उदयपुर में स्थापित हुई देश की पहली लेक्रोस अकादमी
राजस्थान सरकार ने उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में देश की पहली समर्पित लेक्रोस अकादमी विकसित की है।
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- यहाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्राकृतिक घास का विश्वस्तरीय मैदान तैयार किया गया है।
- आधुनिक जिम, तकनीकी विश्लेषण और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सुविधा ने इसे देशभर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा और प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बना दिया है।
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विश्वस्तरीय संसाधनों और ठोस रणनीतिक प्रयासों से यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि 2028 के ओलंपिक खेलों में राजस्थान के जनजातीय युवा भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तिरंगा फहराएंगे।