लायंस क्लब सीकर कल्याण ने विराट हिंदू सम्मेलन में की शीतल जल सेवा: स्टील के बर्तनों का उपयोग कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
| योगेश शर्मा
जयपुर/सीकर। समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था लायंस क्लब सीकर कल्याण द्वारा सेवा और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की गई है। जयपुर की सावरकर बस्ती में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ के दौरान क्लब के सदस्यों ने भीषण गर्मी और भीड़ को देखते हुए सेवा भाव के साथ शीतल जल की व्यवस्था संभाली।
750 से अधिक लोगों को पिलाया जल
प्रोजेक्ट चेयरपर्सन रेनू लुहारिया ने बताया कि सम्मेलन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में मातृशक्ति और सज्जन शक्ति सम्मिलित हुई थी। लायंस क्लब के सदस्यों ने सम्मेलन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए शीतल पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्लब द्वारा लगभग 750 लोगों को शीतल जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई गई।
प्लास्टिक मुक्त अभियान: स्टील के बर्तनों का अनूठा प्रयोग
क्लब की इस सेवा की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए प्लास्टिक के डिस्पोजेबल गिलास का उपयोग पूरी तरह वर्जित रखा। क्लब ने प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए पारंपरिक तरीके से स्टील के लोटे और जग के माध्यम से जल सेवा की। उपस्थित लोगों ने क्लब के इस ‘इको-फ्रेंडली’ कदम की काफी सराहना की।
इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस पुनीत सेवा कार्य में लायंस क्लब सीकर कल्याण के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से:
- प्रशासक: नरेश प्रधान
- अध्यक्ष: उदेश घासोलिया
- सचिव: अरविंद माथुर
- कोषाध्यक्ष: मनोज लुहारिया
- निवर्तमान अध्यक्ष: संतोष शर्मा
इनके साथ ही हेमा प्रधान, सोमेंद्र कुमावत, विनिका वर्मा, और अनुराग खटोड़ सहित अन्य सदस्यों ने भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
सेवा और संस्कृति का संगम
सम्मेलन में आए आगंतुकों ने कहा कि एक ओर जहाँ विराट हिंदू सम्मेलन के जरिए सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश मिला, वहीं लायंस क्लब की इस निस्वार्थ सेवा ने मानवता का धर्म निभाया। क्लब के सदस्यों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में पर्यावरण अनुकूल तरीकों से जनकल्याण के कार्य जारी रखे जाएंगे।
