लाइफस्टाइल में बदलाव से बढ़ी हार्ट और खर्राटों की समस्या

लाइफस्टाइल में बदलाव से बढ़ी हार्ट और खर्राटों की समस्या

इटर्नल हॉस्पिटल में हुआ एक्सपर्ट्स का इंटरैक्टिव सेशन

09 सितम्बर 2025। लोकेंद्र सिंह शेखावत।टेलीग्राफ टाइम्स 

जयपुर। आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ और असंतुलित दिनचर्या ने लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है। इसी विषय पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को इटर्नल हॉस्पिटल और इंडियन एमएसएमई चेम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में अस्पताल के सभागार में एक विशेष इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया। इस सत्र में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अवनीश भारद्वाज और ओरल-फेशियल पेन विशेषज्ञ डॉ. वैभव नेपलिया ने विस्तृत जानकारी दी।

Photo credit Telegraph Times

हृदय रोग बढ़ने के मुख्य कारण

सत्र की शुरुआत करते हुए डॉ. अवनीश भारद्वाज ने बताया कि हृदय रोग आज के समय में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, धूम्रपान और असंतुलित जीवनशैली जैसे कारण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते इन जोखिम कारकों की पहचान कर ली जाए तो गंभीर हार्ट अटैक जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है।

डॉ. भारद्वाज ने लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि सीने में दर्द, थकान, सांस फूलना और धड़कन तेज होना हृदय संबंधी समस्याओं के प्रमुख संकेत हैं। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित भोजन, व्यायाम और तनाव प्रबंधन को हृदय रोगों की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय बताया। ज़रूरत पड़ने पर ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राफी और एंजियोग्राफी जैसी जांचें भी अनिवार्य बताई गईं।

खर्राटों को हल्के में लेना घातक

इसके बाद डॉ. वैभव नेपलिया ने खर्राटों और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग खर्राटों को मजाक या सामान्य समस्या समझते हैं, जबकि यह स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इसके कारण मरीज की नींद बार-बार टूटती है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है।

उन्होंने लक्षण गिनाते हुए बताया कि तेज खर्राटे, नींद के दौरान सांस रुकना, सुबह सिर दर्द और दिन में अत्यधिक नींद आना स्लीप एपनिया की प्रमुख पहचान हैं। इलाज के तौर पर जीवनशैली सुधार, वजन नियंत्रण, दंत उपकरण (डेंटल स्लीप डिवाइस) और गंभीर मामलों में सीपैप मशीन का उपयोग कारगर साबित होता है।

जागरूकता ही बचाव

दोनों विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि यदि समय रहते लोग सतर्क हो जाएं और सही इलाज लें, तो हृदय रोग और स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

आयोजन में गणमान्य उपस्थित

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रोताओं और अतिथियों ने सवाल पूछे जिनका समाधान विशेषज्ञों ने विस्तार से किया। इस अवसर पर इंडियन एमएसएमई चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, प्रदेश महासचिव केशव गुप्ता और राज्य सचिव अमित मित्तल ने सभी आगंतुकों का विशेष आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में इटर्नल हॉस्पिटल के असिस्टेंट जनरल मैनेजर विक्रांत शर्मा और सीनियर एग्जीक्यूटिव सागर जांगिड़ का विशेष योगदान रहा।

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