51वें ईजीपीए वार्षिक सम्मेलन में देंगे अध्यक्षीय संबोधन; लगातार दूसरी बार वैश्विक मंच पर करेंगे नेतृत्व
नरेश गुनानी
जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव एवं इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (IIAS) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास अगले सप्ताह इटली के रोम में लोक प्रशासन और सुशासन (गवर्नेंस) से जुड़े प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। वे 25 अगस्त 2026 को सैपिएन्जा यूनिवर्सिटी ऑफ रोम में आयोजित होने वाले 51वें यूरोपियन ग्रुप फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (EGPA) वार्षिक सम्मेलन में अध्यक्षीय संबोधन देंगे।
सम्मेलन का स्वरूप और वैश्विक भागीदारी
24 से 27 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाला यह वार्षिक सम्मेलन लोक प्रशासन के क्षेत्र में संगठन का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। यह मंच दुनियाभर के शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और शोधकर्ताओं को सार्वजनिक प्रशासन, सुशासन और पब्लिक पॉलिसी के समकालीन विषयों पर संवाद के लिए अवसर प्रदान करता है।
- प्रतिभागी: 70 से अधिक देशों से लगभग 900 शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं तथा 600 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।
- प्रमुख विशेषज्ञ: ईजीपीए अध्यक्ष प्रो. सबीने कुहलमान और सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. नोएमी रॉसी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
- मुख्य थीम: इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय “Public Governance for the Common Good: Human Intelligence Serving the Global Community” रखा गया है।
रोम प्रवास के दौरान प्रमुख कार्यक्रम
24 से 28 अगस्त तक अपने प्रवास के दौरान मुख्य सचिव ईजीपीए स्टीयरिंग कमेटी और परमानेंट स्टडी ग्रुप्स के विशेष सत्रों को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे ट्रांसअटलांटिक डायलॉग और मेडिटेरेनियन डायलॉग में भी भाग लेंगे, जहां वैश्विक सहयोग और आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। इसके उपरांत, 29 अगस्त को वे IIAS काउंसिल ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के सदस्यों के साथ वेटिकन सिटी में पोप से शिष्टाचार भेंट करेंगे।
लगातार दूसरा अध्यक्षीय संबोधन
जून 2025 में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (IIAS) के अध्यक्ष निर्वाचित होने वाले वी. श्रीनिवास पहले भारतीय हैं। यह लगातार दूसरा अवसर है जब वे ईजीपीए के वार्षिक सम्मेलन को मुख्य वक्ता/अध्यक्ष के रूप में संबोधित कर रहे हैं। इससे पूर्व अगस्त 2025 में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित 50वें वर्षगांठ सम्मेलन में अध्यक्षीय भाषण दिया था, जिसमें वैश्विक स्तर पर श्रेष्ठ प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया था।