बीकानेर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने नवाजा
मुस्कान तिवाड़ी
बीकानेर। रोजगार विभाग में उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और उल्लेखनीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए संभागीय रोजगार कार्यालय, जयपुर की संयुक्त निदेशक नवरेखा को बीकानेर में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। नवरेखा को यह सम्मान युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में किए गए नवाचारों व प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया।
28 वर्षों का सुदीर्घ एवं समर्पित सेवाकाल
नवरेखा राजस्थान राज्य प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा परीक्षा वर्ष 1998 बैच से चयनित अधिकारी हैं। वे विगत 28 वर्षों से रोजगार विभाग में निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रही हैं:
- विभिन्न जिलों में पदस्थापन: उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान राजसमंद, भरतपुर, अलवर, डूंगरपुर और हनुमानगढ़ सहित कई जिलों के जिला रोजगार कार्यालयों में सफलतापूर्वक दायित्व निभाया।
- जिला स्तरीय सम्मान: विभाग में नवाचारों और उत्कृष्ट प्रशासनिक नियंत्रण के लिए उन्हें पूर्व में भी अनेक अवसरों पर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय समारोहों में सम्मानित किया जा चुका है।
राजस्थान विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक रोजगार मेला
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर स्थित विश्वविद्यालय रोजगार सूचना एवं मार्गदर्शन केंद्र में पदस्थापन के दौरान नवरेखा ने विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार रोजगार मेले का आयोजन कराया। इस मेले के जरिए 1,642 युवाओं का रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए चयन कराया गया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से करियर सेमिनार और मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर हजारों विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान की।
रिकॉर्ड प्लेसमेंट और योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन
संभागीय रोजगार कार्यालय, जयपुर में उनके वर्तमान कार्यकाल के दौरान रोजगार संवर्धन और युवा कल्याण से जुड़ी योजनाओं में ऐतिहासिक परिणाम दर्ज किए गए:
- राज्य में सर्वाधिक चयन: आयोजित 24 रोजगार मेलों एवं कैंपस प्लेसमेंट शिविरों के माध्यम से 15,229 युवाओं का निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्राथमिक चयन कराया गया, जो समूचे प्रदेश में सर्वाधिक है।
- बेरोजगारी भत्ते का सुगम वितरण: मुख्यमंत्री युवा संबल योजना और बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत 50,510 पात्र बेरोजगार आशार्थियों को कुल 202 करोड़ 65 लाख 56 हजार 792 रुपये (₹2,02,65,56,792) की राशि का पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया गया।
युवा कल्याण, मार्गदर्शन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में स्थापित इन्हीं नए प्रतिमानों के लिए राज्य सरकार द्वारा उन्हें बीकानेर के मुख्य समारोह में यह राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया।