रेत की लकीरों से रचा सफलता का इतिहास

पुष्कर के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ‘महाराणा सज्जन सिंह पुरस्कार’ से सम्मानित

पुष्कर/अजमेर | (हरिप्रसाद शर्मा)

राजस्थान की पावन धरा और तीर्थ नगरी पुष्कर की रेत ने एक बार फिर प्रदेश का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया है। अपनी अद्भुत कल्पनाशक्ति और उँगलियों के जादू से बेजान रेत में प्राण फूंकने वाले प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट अजय रावत को मेवाड़ के प्रतिष्ठित ‘महाराणा सज्जन सिंह पुरस्कार’ से नवाजा गया है। महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान अजय रावत की वर्षों की तपस्या और कला के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रमाण है।

साधारण शुरुआत, असाधारण मुकाम

​अजय रावत की कला यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक समय था जब वे पुष्कर के धोरों पर साधारण रंगोलियां और छोटी-छोटी आकृतियाँ बनाया करते थे। सीमित संसाधनों और अभावों के बीच शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय पहचान बन चुका है। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद भावुक होते हुए अजय ने कहा:

“यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि पुष्कर की उस पवित्र मिट्टी का है जिसने मुझे अपनी भावनाओं को उकेरने के लिए कैनवास दिया। मेरी शुरुआत टूटी-फूटी कलाकृतियों से हुई थी, लेकिन आज इस प्रतिष्ठित मंच पर खड़े होना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।”

 

मीडिया के प्रति जताया आभार

​कलाकार ने अपनी सफलता का श्रेय उन लोगों को दिया जिन्होंने उनके संघर्ष के दिनों में उन पर विश्वास किया। विशेष रूप से उन्होंने पुष्कर के मीडिया जगत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब उनकी कला को कोई पहचान नहीं मिली थी, तब स्थानीय पत्रकारों ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उसे दुनिया के सामने लाए। मीडिया के इसी प्रोत्साहन ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और आगे बढ़ने का हौसला प्रदान किया।

क्यों खास है महाराणा सज्जन सिंह पुरस्कार?

​महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार कला, संस्कृति और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को प्रदान किया जाता है। यह सम्मान मेवाड़ की समृद्ध विरासत और कला परंपरा का प्रतीक माना जाता है। अजय रावत को यह पुरस्कार मिलना न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि है, बल्कि यह पुष्कर की ‘सैंड आर्ट’ को एक नई ऊंचाई और आधिकारिक मान्यता देता है।

शहर में हर्ष की लहर

​अजय रावत की इस उपलब्धि से पूरे पुष्कर और अजमेर जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय निवासियों और कला प्रेमियों का कहना है कि अजय ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके भीतर लगन, मेहनत और अडिग विश्वास हो, तो साधारण रेत से भी इतिहास की अमिट इबारत लिखी जा सकती है। उनकी सफलता अब आने वाली पीढ़ी के उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

मुख्य आकर्षण:

  • कलाकार: अजय रावत (सैंड आर्टिस्ट, पुष्कर)
  • सम्मान: महाराणा सज्जन सिंह पुरस्कार (महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन)
  • विशेषता: रेत पर जीवंत सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश उकेरना।

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