रूपनगर पटवारी 7 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, नामांतरण प्रकरण खोलने के एवज में मांग रहा था पैसे
हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर, टेलीग्राफ टाइम्स
अजमेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अजमेर इकाई ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्यावर जिले के रूपनगर पटवार हल्का के पटवारी आनंद मेघवाल को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी परिवादी की जमीन से जुड़े विरासत नामांतरण प्रकरण खोलने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई, सत्यापन में रिश्वत तय हुई 7 हजार रुपये
परिवादी ने एसीबी में शिकायत दी थी कि पटवारी आनंद मेघवाल नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 8 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है और बार-बार पैसे देने के लिए दबाव बना रहा है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने 13 नवंबर को सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की राशि 7 हजार रुपये तय हुई।
योजना बनाकर की गई ट्रैप कार्रवाई, पटवारी रंगे हाथों पकड़ा गया
मुख्यालय के निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक एसीबी अजमेर रेंज महावीर सिंह राणावत के सुपरविजन में ट्रैप योजना बनाई गई।
मंगलवार को—
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द्र,
- निरीक्षक मीरा बेनीवाल,
- और एसीबी टीम
ने रूपनगर में कार्रवाई को अंजाम दिया और पटवारी को परिवादी से 7 हजार रुपये लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया।
पटवारी ने टेबल पर पैसा रखने को कहा, उसी समय एसीबी ने दी दबिश
एसीबी के अनुसार आरोपी पटवारी ने परिवादी को बुलाकर रिश्वत की राशि अपने सामने टेबल पर रखने को कहा।
जैसे ही पैसे टेबल पर रखे गए, एसीबी टीम ने तुरंत दबिश दी, रिश्वत राशि बरामद की और पटवारी को हिरासत में ले लिया।
टीम ने मौके से आवश्यक दस्तावेज और सबूत भी जब्त किए।
पूछताछ जारी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्रकरण दर्ज
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पटवारी से पूछताछ जारी है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर एसीबी की सख्त चेतावनी
एसीबी का कहना है कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऐसी शिकायतें मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रशासन में पारदर्शिता और जनता का विश्वास कायम रहे।

