जयपुर/ नरेश गुनानी/आकांक्षी जिला कार्यक्रम, आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम तथा गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना के सूचकांकों की प्रगति एवं सेचुरेशन (शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति) के लिए योजना भवन स्थित ‘राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव ट्रांसफॉर्मेशन’ (रीति) में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम एवं पारदर्शी उपयोग, सटीक डेटा रिपोर्टिंग, गहन मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों व जिलों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया।
विजिबिलिटी बढ़ाने और ‘ड्रिल-डाउन’ दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश
कार्यशाला में विभागीय योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर न रहकर प्रक्रिया की गहन ऑडिट और एक्शन प्लान तैयार करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- जिलों और ब्लॉकों में उपलब्ध संसाधनों से कार्यों का प्रभावी निष्पादन किया जाए।
- वास्तविक और सम्भावित लाभार्थियों की सटीक मैपिंग कर मॉनिटरिंग सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए।
- प्रत्येक लाभार्थी और सूचकांक के स्तर पर माइक्रो लेवल रणनीति बनाई जाए।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन और कौशल विकास विभागों की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ से सीखकर अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित किया जाए।
विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत की गईं प्रमुख पहलें एवं रणनीतियां
1. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और पीसीटीएस (PCTS) पोर्टल पर सटीक डेटा एंट्री सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
- आईसीडीएस के ‘पोषण ट्रैकर’ के साथ अभिसरण (Convergence), एमसीएच सेवाओं का ड्रिल-डाउन विश्लेषण और ब्लॉक स्तर पर नियमित डेटा ऑडिट के माध्यम से लक्ष्यों को पूरा करने की योजना साझा की गई।
2. शिक्षा विभाग
- पीएम श्री, निपुण राजस्थान, ओरल रीडिंग फ्लुएंसी, शाला सम्बलन तथा बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की उपलब्धता पर प्रगति रिपोर्ट रखी गई।
- शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार, ड्रॉप-आउट बच्चों की पहचान कर पुनः नामांकन तथा बुनियादी भाषा व गणितीय दक्षता में सुधार हेतु विद्यालय-स्तरीय माइक्रो प्लानिंग पर जोर दिया गया।
3. कौशल विकास एवं रोजगार
- राजस्थान राज्य आजीविका एवं कौशल विकास निगम (RSLDC) तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के माध्यम से युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और रोजगार मेलों के आयोजन पर बल दिया गया।
4. बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन (SLBC)
- राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा प्रधानमंत्री जनधन योजना, सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने की योजना प्रस्तुत की गई।
5. सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग
- भारतनेट परियोजना के तहत 8,500 से अधिक ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।
- संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत शेष ग्राम पंचायतों और सरकारी भवनों को एफटीटीएच (FTTH) कनेक्टिविटी प्रदान करने का कार्य प्रगति पर है।
6. ग्रामीण विकास विभाग
- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी विकास कार्यों के समन्वय पर जोर दिया गया, ताकि स्थानीय बजट व संसाधनों का उपयोग आकांक्षी ब्लॉकों में प्रभावी ढंग से हो सके।