रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का पंचम चरण 12 सितंबर से शुरू
जयपुर, 11सितम्बर। नरेश गुनानी। टेलीग्राफ टाइम्स
राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) की प्रत्यक्ष आवंटन योजना के चार चरणों को मिली उल्लेखनीय सफलता के बाद अब इसका पंचम चरण 12 सितंबर से शुरू होगा। राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट समिट-2024 के तहत 27 अगस्त तक राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशक 12 से 26 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन और ईएमडी जमा कर सकेंगे। इस चरण की ई-लॉटरी 3 अक्टूबर को निकाली जाएगी।
7000 भूखण्ड उपलब्ध होंगे
पंचम चरण में रीको के विभिन्न नए और पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 7000 औद्योगिक भूखण्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना में विभिन्न वर्गों जैसे अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमी, भूतपूर्व सैनिक, बेंचमार्क दिव्यांगजन और सशस्त्र बलों/अर्धसैनिक बलों के शहीद आश्रितों के लिए भी भूखण्ड आरक्षित रहेंगे।
मार्च 2025 से जारी है प्रक्रिया
इस योजना की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी। इसके चार चरणों में अब तक बड़ी संख्या में उद्यमियों को भूखण्डों के लिए ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। रीको को इस योजना के अंतर्गत 1100 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। हर चरण में लगभग 6,000 से अधिक भूखण्ड उद्यमियों के लिए उपलब्ध कराए गए, जहां वे अपनी आवश्यकता और रुचि के अनुसार आरक्षित दर पर भूखण्ड का चयन कर सके।
आवंटन की प्रक्रिया
- 50,000 वर्गमीटर तक के भूखण्ड:
- एक ही आवेदक होने पर सीधा आवंटन।
- एक से अधिक आवेदक होने पर ई-लॉटरी से आवंटन।
- 50,000 वर्गमीटर से अधिक या विशेष औद्योगिक क्षेत्रों/पार्कों में:
- पात्रता, भूमि की आवश्यकता और अन्य मानकों के आधार पर आवंटन।
- अमानत राशि (ईएमडी): भूखण्ड की कुल प्रीमियम राशि का 5 प्रतिशत आवेदन के साथ ऑनलाइन जमा कराना होगा।
निवेशकों के लिए निर्देश
रीको प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिस कंपनी या व्यक्ति ने एमओयू किया है, भूखण्ड उसी के नाम पर आवंटित होगा। इसलिए आवेदन पंजीकरण के समय इस बिंदु का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
अधिक जानकारी
आवेदन प्रक्रिया, नियम और शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए निवेशक रीको के पोर्टल https://riicoerp.industries.rajasthan.gov.in/Directland या https://riico.rajasthan.gov.in पर देख सकते हैं।
पंचम चरण को लेकर निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस चरण से भी प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और निवेश का माहौल और मजबूत होगा।