रिश्वतकांड में फंसे विधायक जयकृष्ण पटेल के क्षेत्र में BAP की जीत, कांग्रेस को करारी शिकस्त
राजस्थान पंचायत उपचुनाव: बीजेपी और BAP ने मारी बाज़ी, कांग्रेस तीसरे नंबर पर
Edited By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 09,2025
बांसवाड़ा | राजस्थान । राजनीति
राजस्थान में हुए पंचायत और नगर निकाय उपचुनावों ने राज्य की सियासी जमीन को हिलाकर रख दिया है। इन चुनावों के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस की पकड़ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में लगातार कमजोर होती जा रही है। वहीं, बीजेपी और बाप पार्टी (BAP) ने इस मौके को भुनाते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।
बांसवाड़ा जिले में घाटोल और गांगड़तलाई पंचायत समितियों में हुए उपचुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह रही कि गांगड़तलाई क्षेत्र, जो कि रिश्वत मामले में जेल में बंद BAP विधायक जयकृष्ण पटेल का विधानसभा क्षेत्र है, वहां खुद उनकी पार्टी ने जोरदार जीत दर्ज की है।

घाटोल पंचायत समिति: बीजेपी की धमाकेदार जीत
घाटोल पंचायत समिति के वार्ड नंबर 1 में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर साबित किया कि वह जमीनी स्तर पर मजबूत है। बीजेपी प्रत्याशी कीर्तिश भोई ने 1310 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वहीं, BAP के उम्मीदवार को 809 और कांग्रेस प्रत्याशी को सिर्फ 766 वोटों पर संतोष करना पड़ा। इस वार्ड में 36 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना।
गांगड़तलाई में BAP का परचम, कांग्रेस तीसरे स्थान पर
गांगड़तलाई पंचायत समिति के वार्ड नंबर 10 में बीएपी (BAP) की प्रत्याशी शारदा देवी ने 1756 वोटों के साथ जीत दर्ज की। बीजेपी की रायसा देवी को 1678 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुरता देवी को मात्र 329 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
यह जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह वही इलाका है जहां के विधायक जयकृष्ण पटेल इस समय 20 लाख रुपये के रिश्वत मामले में जेल में बंद हैं। बावजूद इसके, BAP को यहां जीत दिलाने में जनता ने भरोसा जताया है।
जयकृष्ण पटेल और रिश्वतकांड
बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल पर 20 लाख की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है, जिसके चलते वे जेल में हैं। पटेल पर यह आरोप एक ठेकेदार से ठेका दिलवाने के बदले पैसे लेने का है। इस मामले की जांच अभी चल रही है, लेकिन उनकी पार्टी की जीत ने एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी
लगातार तीसरे स्थान पर रहना कांग्रेस के लिए बेहद चिंता का विषय है, खासकर तब जब पंचायत चुनाव जैसे स्थानीय स्तर के चुनावों को सत्ता का भविष्य तय करने वाला माना जाता है।
राजस्थान के पंचायत उपचुनावों में जो संकेत मिले हैं, वो अगले विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर सकते हैं। बीजेपी का परफॉर्मेंस जहां पार्टी में नई ऊर्जा भर रहा है, वहीं BAP की मौजूदगी को भी अब नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। कांग्रेस को अगर वापसी करनी है, तो उसे जमीनी स्तर पर संगठन और छवि दोनों पर गंभीरता से काम करना होगा।

