रिडको की नई भूमि आवंटन एवं मूल्य निर्धारण नीति को मंजूरी: राजस्थान में निवेश और रोजगार को मिलेगी भारी रफ्तार

नरेश गुनानी 

जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने के लिए राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (रिडको) की भूमि आवंटन एवं भूमि मूल्य निर्धारण नीति को आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। इस नई नीति के लागू होने से जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) में रिडको द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप में भूखण्डों का आवंटन, प्रबंधन और निस्तारण सुचारू रूप से हो सकेगा। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनआईसीडीसी) के मॉडल फ्रेमवर्क पर आधारित इस नीति को राजस्थान की स्थानीय आवश्यकताओं और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से विशेष रूप से तैयार किया गया है।

​ नीति की मुख्य विशेषताएं और आवंटन प्रक्रिया

​निवेशकों को आकर्षित करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नीति में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:

  • ऑनलाइन आवेदन एवं ई-नीलामी: प्रत्यक्ष आवंटन योजना या अन्य माध्यमों से भूखण्ड आवंटन के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। इसके साथ ही पारदर्शी ई-नीलामी की व्यवस्था भी की गई है।
  • विदेशी निवेश (FDI) के लिए विशेष प्रावधान: एफडीआई परियोजनाओं एवं अन्य बड़े निवेशों के लिए भूखण्ड आवंटन की एक विशेष और सुगम प्रक्रिया तय की गई है।
  • आकर्षक वित्तीय छूट और किस्तें: प्रारंभिक निवेशकों को अग्रिम भुगतान करने पर रियायती दर और विशेष छूट का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, आगामी वर्षों में भूमि दरों में चरणबद्ध बढ़ोतरी की जाएगी और निवेशकों की सुविधा के लिए 11 त्रैमासिक ब्याजयुक्त किस्तों के माध्यम से स्थगित भुगतान (Deferred Payment) की व्यवस्था की गई है।
  • लचीली लीज अवधि: सामान्य तौर पर भूखण्डों का आवंटन 99 वर्ष की लीज पर किया जाएगा। वहीं फ्लैटेड फैक्ट्री, प्लग-एंड-प्ले, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विशेष क्षेत्रों के लिए 33 से 66 वर्ष तक की लचीली लीज अवधि और उसके नवीनीकरण का प्रावधान रखा गया है।

​ इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और कनेक्टिविटी

​दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत विकसित किए जा रहे पांच प्रमुख नोड्स में से एक ‘जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया’ है। यह नोड जोधपुर से 22 किमी और पाली से 40 किमी की दूरी पर रोहट तहसील की भूमि पर विकसित किया जा रहा है।

  • सड़क और रेल परिवहन: यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 62 और राज्य राजमार्ग 64 पर स्थित है। वाहनों के सुगम आवागमन के लिए एनएचएआई द्वारा अण्डरपास का निर्माण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, रोहट और मारवाड़ जंक्शन को जोड़ने वाली रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए रेलवे बोर्ड से लगभग ₹823 करोड़ की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
  • गैस पाइपलाइन और ग्रिड: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा औद्योगिक इकाइयों को गैस आपूर्ति के लिए 4.5 किमी लंबी गैस पाइपलाइन और महसाना-भटिण्डा से पाली व जोधपुर को जोड़ने वाली गैस ग्रिडलाइन की परियोजना तैयार कर ली गई है।
  • पानी और बिजली: रीको द्वारा इस क्षेत्र में बिजली और पानी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के माध्यम से ‘डिपोजिट वर्क’ शुरू करवा दिए गए हैं।
  • बजट आवंटन: रिडको द्वारा इस प्रथम नोड में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए ₹370 करोड़ का कार्यादेश दिसंबर 2025 में ही जारी किया जा चुका है, जिस पर काम तेजी से चल रहा है।

​ जेपीएमआईए फेज-प्रथम का खाका

​इस परियोजना के पहले चरण में कुल बिक्री योग्य भूमि क्षेत्र लगभग 1186 एकड़ है। नई नीति के तहत इसमें निम्नलिखित क्षेत्रों के विकास का प्रावधान शामिल है:

  • ​ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और पूर्व-निर्मित औद्योगिक अवसंरचना।
  • ​आवासीय एवं सामाजिक अवसंरचना के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) परियोजनाएं।
  • ​लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग सुविधाएं, उपयोगिताएं और अन्य सहायक सुविधाएं।

​ रिडको का स्वरूप और भविष्य की योजना

​रिडको, भारत सरकार के ‘नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट’ (NICDIT) और राजस्थान सरकार के ‘रीको’ (RIICO) का एक संयुक्त उपक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) के तहत एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप का विकास करना है।

​रीको के प्रबन्ध निदेशक एवं रिडको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सुरेश ओला ने जानकारी दी कि जेपीएमआईए की औद्योगिक टाउनशिप परियोजना के प्रथम चरण में चिन्हित औद्योगिक भूखण्डों के सीमांकन (Demarcating) का कार्य पूरा होते ही तुरंत आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। क्षेत्र में सेक्टर-विशेष जोन (Sector-Specific Zones) भी स्थापित किए जाएंगे जिससे इस पूरे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि रिडको की इस नई नीति से राजस्थान में रिकॉर्ड निवेश आएगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।

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