अजमेर/जयपुर/ हरि प्रसाद शर्मा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) में एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की जयपुर टीम ने एक साथ दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए रीको के अजमेर सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) और ब्यावर के एक जूनियर असिस्टेंट को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने एक लीज डीड (Lease Deed) जारी करने के एवज में कुल 85 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सीनियर डीजीएम आगामी 31 जुलाई को अपनी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन रिटायरमेंट से महज 21 दिन पहले वे एसीबी के जाल में फंस गए।
लीज डीड के बदले मांगी थी घूस
एसीबी मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि रीको अधिकारियों द्वारा उसके व्यावसायिक कार्य से जुड़ी लीज डीड जारी करने के बदले में भारी-भरकम रिश्वत राशि की मांग की जा रही है और उसे परेशान किया जा रहा है।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की स्पेशल टीम ने गोपनीय तरीके से आरोपों का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर एसीबी जयपुर की टीम ने सुनियोजित जाल बिछाया और अजमेर व ब्यावर में एक साथ छापेमारी की रूपरेखा तैयार की।
अजमेर और ब्यावर में एक साथ एक्शन, दो गिरफ्तार
रविवार को एसीबी की टीम के निर्देशानुसार शिकायतकर्ता जैसे ही रिश्वत की रकम लेकर रीको के अजमेर स्थित यूनिट कार्यालय पहुंचा, वहां पहले से ही एसीबी के अधिकारी सादा कपड़ों में मुस्तैद थे।
-
- सीनियर डीजीएम ट्रैप: जैसे ही शिकायतकर्ता ने सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को ₹50,000 की रिश्वत राशि सौंपी, एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
- जूनियर असिस्टेंट गिरफ्तार: इसी कार्रवाई के समानांतर, एसीबी की दूसरी टीम ने ब्यावर में जाल बिछाया। वहां रीको के जूनियर असिस्टेंट कमलेश को ₹35,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
अतिरिक्त प्रभार पर थे डीजीएम: एसीबी के अनुसार, आरोपी सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा की मूल पदस्थापना किशनगढ़ में है, लेकिन उनके पास अजमेर यूनिट का अतिरिक्त कार्यभार भी था। वे आगामी 31 जुलाई को ही रिटायर होने वाले थे।
ठिकानों पर सर्च और कानूनी कार्रवाई जारी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इस बड़ी कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी की टीमें फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही अजमेर, किशनगढ़ और ब्यावर स्थित उनके कार्यालयों और अन्य संभावित ठिकानों पर दस्तावेजों की छानबीन (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दी गई है, ताकि उनकी चल-अचल संपत्ति और अन्य संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया जा सके।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।