राष्ट्र विकास और प्राकृतिक खेती पर राजभवन में अहम संवाद: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मिले गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत

जयपुर, 12 जून। नरेश गुनानी 

राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से शुक्रवार को यहाँ राजभवन (लोकभवन) में गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों संवैधानिक प्रमुखों के बीच राष्ट्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों सहित देश में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) के बढ़ते कदम और इससे जुड़े जागरूकता अभियानों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​प्राकृतिक खेती और राष्ट्र विकास पर केंद्रित रहा संवाद

​मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के राज्यपालों ने इस बात पर जोर दिया कि टिकाऊ राष्ट्र विकास के लिए कृषि क्षेत्र का समृद्ध और पर्यावरण-अनुकूल होना अनिवार्य है। गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, जो स्वयं देश में प्राकृतिक खेती के बड़े पैरोकार माने जाते हैं, ने इस क्षेत्र में किए जा रहे अभिनव प्रयोगों और किसानों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के अनुभव साझा किए।

​संवाद में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे रसायनिक खादों और कीटनाशकों से मुक्त खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बचा सकती है, बल्कि आम जनमानस के स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर सकती है। राज्यपाल श्री बागडे ने राजस्थान में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और इस संबंध में जागरूकता के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया।

​केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री की उपस्थिति में रणनीतिक चर्चा

​इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी की मौजूदगी से कृषि नीतियों और केंद्र सरकार के प्रयासों पर भी चर्चा को गति मिली। तीनों दिग्गजों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि प्राकृतिक खेती को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों में और तेजी लाने की आवश्यकता है, ताकि देश के किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें।

​पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत

​इससे पहले, लोकभवन पहुँचने पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत का राजस्थानी परंपरा के अनुरूप गर्मजोशी से स्वागत किया। श्री बागडे ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

​इस शिष्टाचार भेंट को दोनों राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और देश में कृषि सुधारों की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

गवर्नेंस, कृषि विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अन्य आधिकारिक खबरों के लिए बने रहें।

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