नई दिल्ली/ नरेश गुनानी/सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और टोल प्लाजा की स्वच्छता, सुरक्षा और समग्र रखरखाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘विशेष अभियान 6.0’ के संचालन की घोषणा की है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक सक्रिय रूप से संचालित किया जाएगा। इसका दोहरा लक्ष्य न केवल सड़क अधोसंरचना को विश्वस्तरीय और स्वच्छ बनाना है, बल्कि मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालयों में लंबित मामलों का निस्तारण, रिकॉर्ड प्रबंधन और ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करना भी है।
दो चरणों में रणनीति का कार्यान्वयन
अभियान के व्यवस्थित और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रक्रिया को दो सुव्यवस्थित चरणों में विभाजित किया गया है:
- तैयारी चरण (15 से 30 सितंबर 2026): इस प्रारंभिक अवधि में अभियान के मुख्य लक्ष्यों, अप्रचलित वस्तुओं के निपटान की रूपरेखा, और आवश्यक स्वच्छता स्थलों की पहचान की जा रही है।
- मुख्य अभियान चरण (2 से 31 अक्टूबर 2026): गांधी जयंती से प्रारंभ होकर माह के अंत तक चलने वाले इस चरण में चिन्हित लक्ष्यों पर जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
राजमार्गों और टोल प्लाजा पर केंद्रित प्रमुख कार्य
सड़कों और टोल प्लाजा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यवाहियों को चिन्हित किया गया है:
- अपशिष्ट प्रबंधन: शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे जमा कचरे को पूरी तरह हटाना।
- शौचालय ब्लॉकों का जीर्णोद्धार: टोल प्लाजा और वे-साइड सुविधाओं पर स्थित शौचालयों का नवीनीकरण, नियमित सफाई और उचित रखरखाव।
- टोल प्लाजा का सौंदर्यीकरण: टोल प्लाजा की रंगाई-पुताई, बेहतर लाइटिंग व्यवस्था और सौर ऊर्जा संयंत्रों के उपयोग को प्राथमिकता।
- सड़क सुरक्षा और सुधार: सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त (Pothole-free) बनाना, सड़क संकेतों (Signboards) की नई स्थापना व सुधार, और सड़क चिह्नों (Road Markings) की दृश्यता बढ़ाना।
50 किलोमीटर के विशेष स्ट्रेच और निगरानी व्यवस्था
गुणवत्ता नियंत्रण और वास्तविक सुधार के मूल्यांकन के लिए मंत्रालय ने विशेष रणनीतिक कदम उठाए हैं:
- विशेष कॉरिडोर का चयन: राष्ट्रीय राजमार्ग के 50 किलोमीटर लंबे हिस्से, जिसमें एक टोल प्लाजा भी सम्मिलित है, को विशेष ध्यान देने के लिए चिन्हित किया गया है।
- अधिकारियों की फील्ड तैनाती: मंत्रालय मुख्यालय से अधिकारियों की टीमें इन चिन्हित क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए मौके पर भेजी जाएंगी।
- जियो-टैगिंग और ट्रैकिंग: नामित अधिकारी कमियों की पहचान कर उन्हें भौगोलिक रूप से चिन्हित (Geo-tag) करेंगे, ताकि सुधार कार्यों की निरंतर और पारदर्शी ट्रैकिंग सुनिश्चित हो सके।
संस्थागत समन्वय और उच्चस्तरीय समीक्षा
अभियान के प्रभाव को स्थायी बनाने के लिए सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाइयों (PIU) और फील्ड कार्यालयों को सक्रिय किया गया है:
- नोडल अधिकारी की नियुक्ति: विभिन्न अधीनस्थ संगठनों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। संपूर्ण अभियान के समग्र समन्वय का जिम्मा संयुक्त सचिव (समन्वय) को सौंपा गया है।
- समीक्षा बैठकें: संयुक्त सचिव नियमित रूप से सभी इकाइयों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही, मंत्रालय के सचिव द्वारा साप्ताहिक उच्चस्तरीय बैठकों में अब तक की प्रगति का गहन जायजा लिया जा रहा है।
इस व्यापक पहल के जरिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का प्रयास है कि राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रियों के लिए अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम बनें, साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गति और पारदर्शिता लाई जा सके।