“प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” थीम पर आधारित दो सप्ताह का विशेष अभियान शुरू, ‘श्री’ शब्द हटाकर विस्तृत रिपोर्ट
गणपत चौहान
नई दिल्ली, 21 मई 2026 । राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर के छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ चिड़ियाघर के शिक्षा केंद्र में ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम (SVP) 2026 का सफल शुभारंभ किया।
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के ‘मिशन लाइफ’ (LiFE – Lifestyle For Environment) जन-जागरूकता अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष के कार्यक्रम का मुख्य विषय विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के अनुरूप “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा छात्रों में जैव विविधता संरक्षण, जलवायु कार्रवाई, वन्यजीव संरक्षण, स्वच्छता और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
”पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर हुआ चयन
चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक, इस कार्यक्रम को लेकर छात्रों में भारी उत्साह देखा गया:
- राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से कुल 854 छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।
- अत्यधिक आवेदनों के कारण “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर 60 प्रतिभागियों का अंतिम चयन किया गया और उनसे फोन पर संपर्क कर पुष्टि की गई।
- उद्घाटन दिवस पर दिल्ली-एनसीआर के 15 अलग-अलग स्कूलों के 39 छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
दो स्लॉट में चलेगा दो सप्ताह का कार्यक्रम
यह विशेष ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम 21 मई से 6 जून 2026 तक जारी रहेगा। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को व्यावहारिक शिक्षण और संरक्षण शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। पूरे कार्यक्रम को दो स्लॉट (स्लॉट ए और स्लॉट बी) में विभाजित किया गया है। प्रत्येक स्लॉट में 50 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 25 जूनियर और 25 सीनियर वर्ग के छात्र हैं।
पहले दिन ओरिएंटेशन और बाड़ों का भ्रमण
कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को एसवीपी 2026 के उद्देश्यों और आगामी गतिविधियों से परिचित कराने के लिए एक ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया।
- इसके बाद छात्रों को शाकाहारी और मांसाहारी जीवों के बाड़ों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
- अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की पूर्व संध्या पर वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. फैयाज ए. द्वारा जैव विविधता पर एक विशेष और ज्ञानवर्धक व्याख्यान भी दिया गया।
इन रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का होगा आयोजन
दो सप्ताह के इस सफर में छात्रों के लिए कई तरह की इंटरैक्टिव और रचनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- वन्यजीव फोटोग्राफी और आर्ट एंड क्राफ्ट
- हेरिटेज वॉक (धरोहर यात्रा)
- स्लोगन लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं
- स्वच्छता जागरूकता अभियान और क्ले मॉडलिंग (मिट्टी के मॉडल बनाना)
- निबंध लेखन और प्रदर्शनियां
- विशेषज्ञ वार्ता और मिशन लाइफ जागरूकता सत्र
युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण: डॉ. संजीत कुमार
चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार की संवादात्मक शैक्षिक पहलों के माध्यम से युवा पीढ़ी को आधुनिक और नवाचार आधारित तकनीकों से जोड़कर जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चे ही हमारे भविष्य के पर्यावरण दूत हैं।