राष्ट्रीय तीरंदाजी में राजस्थान की बेटियों का स्वर्णिम निशाना: मुहाना की कनिष्का यादव ने जीता गोल्ड
| योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। झारखंड के रांची में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता (50 मीटर कंपाउंड राउंड) में राजस्थान की छात्रा टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस जीत की गूंज विशेष रूप से सांगानेर के मुहाना गांव में है, जहाँ की लाडली कनिष्का यादव ने अपनी टीम के साथ मिलकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

रोमांचक फाइनल में महाराष्ट्र को दी मात
6 से 10 जनवरी तक चली इस प्रतियोगिता में राजस्थान की टीम का सफर बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने फाइनल तक पहुँचने के रास्ते में तेलंगाना, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसी मजबूत टीमों को शिकस्त दी।
खिताबी मुकाबला राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच खेला गया। फाइनल शुरू होते ही मैदान खेल प्रेमियों से खचाखच भर गया। मुकाबले के दौरान हर सटीक निशाने पर दर्शकों की तालियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। अंत तक चले इस रोमांचक मुकाबले में राजस्थान की टीम ने गजब के आत्मविश्वास का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
गोल्ड मेडल जीतने वाली तिकड़ी
राजस्थान की इस स्वर्णिम सफलता में तीन होनहार खिलाड़ियों का विशेष योगदान रहा:
- कनिष्का यादव: मुहाना (पंचायत समिति सांगानेर), जयपुर।
- कुमकुम: बीकानेर।
- मणिका विश्नोई: हनुमानगढ़।
गांव पहुँचने पर हुआ भव्य स्वागत
स्वर्ण पदक जीतकर अपनी माटी लौटने पर कनिष्का यादव का मुहाना में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जीत की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। कनिष्का ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षक सुनील चौधरी के मार्गदर्शन और अपने पिता मुकेश कुमार यादव के अटूट सहयोग को दिया है।
”यह मेडल केवल मेरी मेहनत नहीं, बल्कि मेरे कोच और परिवार के विश्वास की जीत है। मेरा लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है।”
— कनिष्का यादव, स्वर्ण पदक विजेता

