नरेश गुनानी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आयोजित की रैलियां और स्वच्छता गतिविधियां; स्वास्थ्य मंत्री ने की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील, सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की सलाह
जयपुर, 16 मई।
देशभर के साथ-साथ राजस्थान में भी शनिवार को ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और रोकथाम गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह विशेष अभियान “जनभागीदारी से डेंगू पर प्रहार” की थीम पर संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को साथ लेकर डेंगू के मच्छरों के खात्मे के लिए प्रेरित करना है।
सतर्कता और स्वच्छता से ही बनेगा डेंगू मुक्त समाज: स्वास्थ्य मंत्री
अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश में डेंगू नियंत्रण के लिए विभाग लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने जनता से सीधा संवाद करते हुए अपील की:
”डेंगू जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों या प्रशासनिक स्तर पर संभव नहीं है। इसमें जनसहभागिता और हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि हम सब सतर्क रहें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, तो एक डेंगू मुक्त समाज का निर्माण आसानी से किया जा सकता है।”
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम जारी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग की टीमें शनिवार को सुबह से ही एक्शन मोड में नजर आईं। प्रदेश के सभी जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की गईं:
- जागरूकता रैलियां: स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर रैलियां निकालकर लोगों को सजग किया गया।
- लार्वा सर्वे और सोर्स रिडक्शन: चिकित्सा टीमों ने घरों और मोहल्लों में जाकर मच्छरों के पनपने वाले स्थानों (सोर्स) को चिन्हित कर उन्हें नष्ट किया।
- संस्थागत कार्यक्रम: अस्पतालों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विशेष परामर्श शिविर लगाकर लोगों को डेंगू के लक्षणों की जानकारी दी गई।
सप्ताह में एक दिन मनाएं “ड्राई डे”: निदेशक जनस्वास्थ्य
मच्छरों के प्रजनन चक्र को तोड़ने की वैज्ञानिक सलाह देते हुए निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका यह है कि हम अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। उन्होंने आमजन के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
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रोकथाम के उपाय |
व्यक्तिगत सुरक्षा |
लक्षण दिखने पर क्या करें? |
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कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और कबाड़ को नियमित साफ करें। |
मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें। |
तेज बुखार, सिरदर्द या जोड़ों में असहनीय दर्द होने पर घबराएं नहीं। |
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सप्ताह में कम से कम एक दिन “ड्राई डे” मनाएं (सभी जल पात्रों को सुखाएं)। |
सोते समय मच्छरदानी या रिपेलेंट (मच्छर भगाने वाली क्रीम/कॉइल) का उपयोग करें। |
घर-घर फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियां तेज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों (आशा सहयोगिनियों और एएनएम) द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। जहां भी जलभराव की स्थिति है, वहां एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव किया जा रहा है और अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग मशीनें चलाई जा रही हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सर्वे टीमों का सहयोग करें ताकि समय रहते डेंगू के डंक को बेअसर किया जा सके।