राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन–रबी अभियान 2025 में राजस्थान के प्रयासों की सराहना, किसानों को मिला लाभ
सुनील शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 16 सितंबर। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन–रबी अभियान–2025 के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के नेतृत्व में चलाए गए अमानक खाद, पेस्टिसाइड और बीजों के खिलाफ अभियान से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान द्वारा दिए गए कई उपयोगी सुझावों को केंद्र सरकार अमल में लाएगी।

डॉ. किरोड़ी लाल ने सम्मेलन में कहा कि महाराष्ट्र की तरह सभी राज्यों में रीसायकल वाटर का 85 प्रतिशत हिस्सा किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन “वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम” की सोच को मजबूत करता है।
कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन में शुरू हुआ “लैब टू लैंड” अभियान ऐतिहासिक रहा, जिसमें वैज्ञानिकों ने गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, खाद, बीज और उर्वरकों की जानकारी दी। अब रबी फसल से पहले भी ऐसा अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में बड़े पैमाने पर पेस्टिसाइड, बीज और खाद की जांच हुई, जिसमें कई विनिर्माता कंपनियों की खामियां सामने आईं। पंजाब और हरियाणा में भी जांच कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई हुई। इसके चलते गुणवत्ता में सुधार आया है।
डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि मिलावटी खाद और बीज देना किसानों और देश के साथ धोखा है, इसलिए सख्त कानून बनना चाहिए। उन्होंने उर्वरकों पर व्यापारियों द्वारा की जा रही अतिरिक्त वसूली पर रोक लगाने की भी मांग की।
उन्होंने अनुसंधान का बजट दोगुना करने पर जोर देते हुए कहा कि राजस्थान बाजरा, जीरा, धनिया और अजवाइन उत्पादन में अग्रणी है। यहां जिप्सम, रॉक फॉस्फेट और पशुधन की उपलब्धता को देखते हुए राजस्थान भारत का ऑर्गेनिक हब बन सकता है।