राष्ट्रीय एकता यात्रा: लद्दाख के दिव्यांग विद्यार्थियों ने की राज्यपाल से मुलाकात
| नरेश गुनानी जी
जयपुर, 6 फरवरी 2026। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय एकता यात्रा के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दिव्यांग विद्यार्थियों के एक दल ने शुक्रवार को जयपुर के लोकभवन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विविधता में एकता का संदेश
राज्यपाल बागडे ने लद्दाख से आए छात्र-छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद किया। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता और लद्दाख के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा करते हुए कहा:
”लद्दाख प्राचीन काल में भारत का प्रमुख सिल्क मार्ग रहा है और आज भी यह भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न व गौरवशाली हिस्सा है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे खूब मन लगाकर पढ़ें और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की सोच के साथ माँ भारती का नाम रोशन करें।”
दिव्यांगता को मात देता उत्साह
राज्यपाल ने विद्यार्थियों के हौसले की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरियां संस्कृति के मिलन में बाधा नहीं बनतीं और ऐसी यात्राएं देश के विभिन्न हिस्सों के बीच प्रेम और एकता का सेतु बनती हैं।
यात्रा का उद्देश्य और परिचय
समारोह की शुरुआत में राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने लोकभवन में लद्दाख से आए इस विशेष दल का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। दल के साथ आए मेजर अमित कुमार ने राज्यपाल को इस यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य इन विशेष बच्चों को देश की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें राजस्थान की समृद्ध विरासत व संस्कृति से रूबरू कराना है।
प्रमुख बिंदु:
- संवाद: राज्यपाल ने विद्यार्थियों से लद्दाख की स्थानीय परंपराओं और शिक्षा के अनुभवों पर चर्चा की।
- आह्वान: नई पीढ़ी को देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहने की सीख दी गई।
- उपस्थिति: कार्यक्रम में सेना के अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
