राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर राजकीय आयुष एकीकृत चिकित्सालय में नशा मुक्ति शिविर का आयोजन
जयपुर, प्रताप नगर। लोकेंद्र सिंह शेखावत। टेलीग्राफ टाइम्स।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजकीय आयुष एकीकृत चिकित्सालय, प्रताप नगर की ओर से शुक्रवार को एक निःशुल्क नशा मुक्ति परामर्श शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना और आमजन को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा।
विशेषज्ञों ने बताया नशे के दुष्परिणाम
चिकित्सालय के प्राचार्य एवं अधीक्षक डॉ. जगदीश प्रसाद बैरवा ने उद्घाटन संबोधन में नशे को मानव जीवन के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट करता है बल्कि परिवार और समाज की संरचना को भी कमजोर करता है।
इस अवसर पर चिकित्सालय के विशेषज्ञों — डॉ. राहुल पाराशर, डॉ. भारती बांदिल, डॉ. मीना मीनू बनवारी लाल और डॉ. मोनिका शर्मा — ने भी नशे के हानिकारक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की लत मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक है। यह व्यक्ति को आत्मिक और सामाजिक रूप से निर्बल बना देता है।
मरीजों को दी गई परामर्श और निःशुल्क दवाइयाँ
शिविर में आए मरीजों को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए व्यक्तिगत परामर्श दिया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं। चिकित्सकों ने मरीजों को समझाया कि नशा छोड़ने के लिए इच्छाशक्ति और सही दिशा में प्रयास बेहद ज़रूरी हैं।
नशामुक्त जीवन की शपथ
विभागाध्यक्ष डॉ. हनुमान प्रसाद जोशी ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने कहा कि यदि समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाना है तो नशामुक्त जीवनशैली अपनाना ही एकमात्र रास्ता है।
युवाओं की भागीदारी
शिविर के सफल आयोजन में इंटर्न डॉ. राकेश और छात्र प्रदीप भारद्वाज ने भी सक्रिय योगदान दिया। उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया।
इस नशा मुक्ति शिविर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज में जागरूकता और सहयोग से ही नशे की बुराई को समाप्त किया जा सकता है। राजकीय आयुष एकीकृत चिकित्सालय की यह पहल न केवल चिकित्सा सेवा का उदाहरण है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक हैं।