प्रीति बालानी/राष्ट्रीय अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) के अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रियों ने देश के सभी इंजीनियरों को शुभकामनाएं दीं और आधुनिक भारत के निर्माता माने जाने वाले ‘भारत रत्न’ डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए देश के तकनीकी विकास, बुनियादी ढांचे और नवाचार में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
ज्ञान और नवाचार से असंभव भी संभव: ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने डॉ. विश्वेश्वरैया के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके अद्भुत तकनीकी कौशल, अनुशासन और दूरदर्शिता ने देश के जल-संसाधन, सिंचाई और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नई दिशा दी। बिरला ने कहा:
”सड़क, सेतु, जल प्रबंधन, ऊर्जा, अंतरिक्ष और डिजिटल तकनीक—देश की समग्र प्रगति के पीछे हमारे इंजीनियरों का ज्ञान, नवाचार और अनथक परिश्रम निरंतर काम कर रहा है। ज्ञान और नवाचार के दम पर हमारे इंजीनियर असंभव को भी संभव बना रहे हैं।”
बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भर भारत पर जोर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंजीनियरिंग के व्यापक अर्थ को रेखांकित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग का मतलब सिर्फ कंक्रीट के ढांचे खड़ा करना नहीं, बल्कि एक मजबूत, लचीला और आत्मनिर्भर राष्ट्र तैयार करना है। वहीं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अभियंताओं की सराहना करते हुए डॉ. विश्वेश्वरैया की अनुशासन व राष्ट्र-सेवा की विरासत को याद किया।
केंद्रीय मंत्रियों ने किया नमन
- शिवराज सिंह चौहान व मनोहर लाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने डॉ. विश्वेश्वरैया को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के नवनिर्माण में उनका योगदान अप्रतिम है। दोनों नेताओं ने राष्ट्र निर्माण में जुटे कर्मठ इंजीनियरों को बधाई दी।
- प्रह्लाद जोशी: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता ने आधुनिक भारत को आकार दिया है और देश की तरक्की में इंजीनियरों का योगदान अद्वितीय है।
- डॉ. एस. जयशंकर: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि डॉ. विश्वेश्वरैया का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उन्होंने राष्ट्र की वैश्विक प्रगति में इंजीनियरों की अहम भूमिका को सलाम किया।
प्रतिवर्ष 15 सितंबर को महान सिविल इंजीनियर डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिवस को देशभर में ‘राष्ट्रीय अभियंता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने कृष्णराज सागर बांध, स्वचालित बाढ़ द्वार प्रणाली और देश के कई प्रमुख औद्योगिक ढांचों के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया था।