जयपुर/ योगेश शर्मा/राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल (एसडीएमएच) में राष्ट्रीय अंगदान दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में जागरूकता, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, चिकित्सकों, अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
समारोह का औपचारिक शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मेडिकल डायरेक्टर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अंगदान को मानवता का सबसे बड़ा और जीवनदायी संकल्प बताया। उन्होंने कहा:
“अंगदान किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे पवित्र माध्यम है। भ्रांतियों को तोड़कर इस महाभियान से जुड़ना और अंगदान का संकल्प लेना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
न्यूरोसर्जरी आईसीयू टीम का विशेष सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण न्यूरोसर्जरी आईसीयू टीम को प्रदान किया गया विशेष सम्मान रहा।
- उल्लेखनीय उपलब्धि: मई 2026 में अस्पताल के प्रथम ब्रेन डेथ केस को सफलतापूर्वक मृतक अंगदान (Deceased Organ Donation) में परिवर्तित कर कई जिंदगियों को नया जीवन देने में इस टीम ने अहम भूमिका निभाई थी।
- नेतृत्व: यह ऐतिहासिक सफलता न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वी. डी. सिन्हा के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में हासिल हुई।
उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं चिकित्सकों ने डॉ. सिन्हा और उनकी टीम के समर्पण, त्वरित निर्णय क्षमता और चिकित्सकीय दक्षता की मुक्त कंठ से सराहना की तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
कला व रचनात्मकता से फैला जागरूकता का संदेश
अंगदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों और अस्पताल कर्मियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया:
- पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता: युवाओं ने आकर्षक पोस्टरों और प्रभावशाली स्लोगन के जरिए अंगदान के महत्व को दर्शाया।
- नुक्कड़ नाटक: संवेदनशील अभिनय के माध्यम से सामाजिक भ्रांतियों पर प्रहार किया गया।
- रंगोली प्रतियोगिता: रंगीन कलाकृतियों के जरिए ‘अंगदान – जीवनदान’ का संदेश उकेरा गया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति और रचनात्मक योगदान के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर एसडीएमएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), एडमिनिस्ट्रेटर, वरिष्ठ चिकित्सक और प्रबंधन के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।
एसडीएमएच प्रबंधन ने अंत में यह दोहराया कि अस्पताल समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को इस जीवनरक्षक अभियान से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।