राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मैसूर स्थित अखिल भारतीय वाणी और श्रवण संस्थान के हीरक जयंती समारोह में की शिरकत
02 सितम्बर 2025, गणेश शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
मैसूर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कल कर्नाटक के मैसूर स्थित अखिल भारतीय वाणी और श्रवण संस्थान (एआईआईएसएच) के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार भी उपस्थित रहे।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा तथा वाणी और श्रवण अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान के हीरक जयंती समारोह में शामिल होना उनके लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने संचार विकारों के निदान और उपचार में बहुमूल्य योगदान के लिए एआईआईएसएच से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान निदेशकों, संकाय सदस्यों, प्रशासकों और छात्रों को बधाई दी।
साल 1965 में स्थापित एआईआईएसएच, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है। यह संस्थान संचार विकारों के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, नैदानिक सेवाओं, प्रशिक्षण, अनुसंधान, जन शिक्षा और विस्तार सेवाओं के लिए दक्षिण एशिया का प्रमुख केंद्र है। संस्थान की स्थापना का मुख्य उद्देश्य वाणी और श्रवण विकारों की देखभाल तथा पुनर्वास सेवाएं प्रदान करना रहा है।
एआईआईएसएच डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही यह मरीजों और उनके परिवारों को वाणी और श्रवण विकारों की देखभाल, उपचार और पुनर्वास सेवाएं भी प्रदान करता है। आज एआईआईएसएच को दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव वी. हेकेली झिमोमी, भारत सरकार और कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, एआईआईएसएच के संकाय सदस्य और छात्र भी शामिल हुए।

