राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसिडोनिया के स्कोप्ये में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया; शांति और अहिंसा का संदेश दोहराया

​तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में उत्तर मैसिडोनिया पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

  • ​स्कोप्ये संग्रहालय में राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ संयुक्त रूप से किया प्रतिमा का अनावरण
  • ​मदर टेरेसा मेमोरियल हाउस का दौरा कर दी श्रद्धांजलि; 23 जुलाई को रोमानिया के लिए होंगी रवाना

गौरव कोचर 

वैश्विक संघर्षों और बढ़ती असहिष्णुता के वर्तमान दौर में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के आदर्शों की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसिडोनिया की राजधानी स्कोप्ये स्थित शहर के संग्रहालय (City Museum) में बापू की आवक्ष प्रतिमा (Bust) का अनावरण किया। इस गरिमामय समारोह में उत्तर मैसिडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

“गांधीजी का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए”

​अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि महात्मा गांधी भले ही भारत में जन्मे थे, लेकिन उनका संदेश संपूर्ण मानवता के लिए है। उन्होंने कहा:

“गांधी जी के जीवन ने विश्व को यह दिखाया है कि सत्य और अहिंसा दुर्बलता के लक्षण नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और स्वतंत्रता हासिल करने के सबसे शक्तिशाली साधन हैं। आज जब पूरा विश्व संघर्ष, असहिष्णुता और विभाजन की चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में संवाद, करुणा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में बापू का विश्वास अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है।”

 

​राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतिमा लोगों को घृणा त्यागने, मतभेदों को शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाने और साहस एवं समानुभूति के साथ समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने इस प्रतिमा को भारत और उत्तर मैसिडोनिया के बीच घनिष्ठ मैत्री, सहनशीलता और मानवीय मूल्यों के प्रति साझी प्रतिबद्धता का स्थायी प्रतीक बताया।

मदर टेरेसा मेमोरियल का दौरा

​प्रतिमा अनावरण से पूर्व, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ स्कोप्ये स्थित मदर टेरेसा मेमोरियल का दौरा किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

​गौरतलब है कि संत मदर टेरेसा का जन्म स्कोप्ये में ही हुआ था और वे 1928 तक यहाँ रही थीं। इसके बाद वे आयरलैंड में ‘सिस्टर्स ऑफ़ लोरेटो’ से जुड़ीं और फिर भारत आकर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों व असहायों की सेवा में समर्पित कर दिया। असाधारण मानवीय कार्यों के लिए उन्हें 1980 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया गया था।

समारोह में उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति

​इस ऐतिहासिक अवसर पर स्कोप्ये शहर के मेयर ओर्से ग्योर्गजिएव्स्की सहित भारत के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री
  • डॉ. दिनेश शर्मा: राज्यसभा सांसद
  • श्री विजय बघेल: लोकसभा सांसद

दौरे का अंतिम चरण: रोमानिया प्रस्थान

​राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन यूरोपीय देशों के राजकीय दौरे के अंतिम चरण के तहत 23 जुलाई को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के लिए प्रस्थान करेंगी, जहाँ वे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगी।

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