रायपुर, 23 मई 2026। गनपत चौहान
छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बलौदाबाजार के करहीबाजार में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के दौरान एक ऐसा ही भावुक पल सामने आया, जब योजना के एक लाभार्थी ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बरसों पुरानी चिंता दूर होने की बात कही।
मालिकाना हक मिलने से दूर हुई सबसे बड़ी चिंता
करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर (सुशासन तिहार) के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इसी कड़ी में जब मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार के ग्रामीण दिलीप कुमार वर्मा से बातचीत की, तो दिलीप के चेहरे पर एक अलग ही संतोष और खुशी नजर आई।
मुख्यमंत्री से अपनी भावनाएं साझा करते हुए दिलीप कुमार वर्मा ने कहा:
”मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना से मुझे मेरी ज़मीन का कानूनी और मालिकाना हक मिल गया है। अब मुझे अपना खुद का पक्का आवास बनाने में बहुत आसानी होगी। इस बड़ी मदद के लिए छत्तीसगढ़ शासन को मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद।”
दिलीप ने बताया कि ज़मीन का मालिकाना हक न होने के कारण वे हमेशा अपने आशियाने को लेकर चिंतित रहते थे, लेकिन अब कानूनी अधिकार मिलने से उनके जीवन की यह सबसे बड़ी अड़चन हमेशा के लिए दूर हो गई है।
हर गरीब का हो अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
हितग्राही दिलीप वर्मा की बातों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहद आत्मीयता से सुना और उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि:
- संपत्ति का असली हक: इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी अपनी संपत्ति का वास्तविक और कानूनी अधिकार मिल रहा है।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता: मालिकाना हक के दस्तावेज़ होने से अब ग्रामीणों को बैंकों से लोन (ऋण) मिलने में बेहद आसानी होगी।
- आवास योजना का लाभ: इस अधिकार पत्र के मिलने से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने की राह में आने वाली सभी प्रशासनिक बाधाएं दूर हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि दिलीप कुमार जैसे लाखों परिवारों के चेहरे पर आई यह मुस्कान और संतोष ही उनकी सरकार की असली ताकत है। सुशासन का वास्तविक मतलब ही यही है कि हर नागरिक को उसका अधिकार बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे और बिना किसी परेशानी के सीधे प्राप्त हो।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही योजना
राजस्व विभाग द्वारा संचालित ‘स्वामित्व योजना’ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत गांवों में आबादी भूमि का ड्रोन के जरिए सर्वे कर ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक (अधिकार अभिलेख) सौंपा जा रहा है। इससे न केवल ज़मीनी विवादों में कमी आ रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिल रही है।