गणपत चौहान
रायपुर, 20 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन से ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल रही है। ‘हर हाथ को काम और हर सिर पर पक्की छत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही साय सरकार ने प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली का नया संचार किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से अब उन परिवारों के सपने हकीकत में बदल रहे हैं, जिन्होंने कभी पक्के मकान की कल्पना भी नहीं की थी।
कच्चे घर की चुनौतियों से पक्के मकान के गर्व तक का सफर
इसका एक जीवंत और प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत गोरखपुर में देखने को मिला है। यहाँ रहने वाले मन्नू राठौर और उनकी पत्नी बिमला राठौर के लिए पक्का घर किसी वरदान से कम नहीं है।
कुछ समय पहले तक यह परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। वह मकान न केवल असुरक्षित था, बल्कि मौसम की हर मार परिवार पर भारी पड़ती थी:
- बरसात का संकट: छत से पानी टपकने के कारण रातें जागकर काटनी पड़ती थीं।
- असुरक्षा: कच्ची दीवारों और असुरक्षित वातावरण के कारण परिवार हमेशा डर के साये में रहता था।
- सीमित संसाधन: मन्नू राठौर की आय इतनी कम थी कि दैनिक जरूरतों के बाद पक्का मकान बनाने के लिए पूंजी जुटाना नामुमकिन था।
साय सरकार की पहल: 1.20 लाख रुपये की मिली संजीवनी
मन्नू राठौर के जीवन में बड़ा बदलाव वित्तीय वर्ष 2024-25 में आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। साय सरकार द्वारा सीधे लाभार्थियों के खाते में राशि हस्तांतरित करने की पारदर्शिता ने इस प्रक्रिया को सरल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया।
सरकारी सहायता और स्वयं की मेहनत को जोड़कर मन्नू राठौर ने ईंट-दर-ईंट अपने सपनों का आशियाना खड़ा किया। आज यह परिवार मिट्टी की दीवारों और घास-फूस की छत को छोड़कर कंक्रीट के सुरक्षित मकान में शिफ्ट हो चुका है।
जीवन स्तर में आया व्यापक सुधार
बिमला राठौर ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि पक्का घर मिलने से उनके जीवन जीने का तरीका ही बदल गया है। अब उन्हें बारिश में भीगने या आंधी-तूफान का डर नहीं सताता। इस आवास ने उन्हें समाज में एक नया सम्मान और सुरक्षा का भाव दिया है। सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है, जिन्हें अब पढ़ाई के लिए घर के भीतर एक शांत और बेहतर वातावरण मिल पा रहा है।
”अब हम गर्व के साथ अपने घर में रहते हैं। साय सरकार ने हमारे जैसे गरीबों की सुध ली, जिससे आज हमारे पास अपनी छत है।”
— बिमला राठौर, लाभार्थी
अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य लक्ष्य योजना का लाभ कतार के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। राज्य सरकार की सक्रियता के चलते निर्माण कार्यों में तेजी आई है और तकनीकी बाधाओं को दूर कर पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जा रही है। मन्नू और बिमला राठौर की सफलता की कहानी प्रदेश के उन हजारों ग्रामीणों के लिए प्रेरणा है, जो साय सरकार के सुशासन में अपनी बेहतरी देख रहे हैं।
यह केवल एक पक्का मकान नहीं, बल्कि साय सरकार के प्रति जनता के भरोसे और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की जीत है।