गणपत चौहान
रायगढ़ | 25 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सड़क पर आवारा मवेशियों की लड़ाई एक बड़े हादसे का कारण बन गई। रायकेरा के पूर्व सरपंच मोमराज राठिया का आज सुबह इलाज के दौरान निधन हो गया। दो दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली।
कैसे हुआ हादसा?
घटना बीते गुरुवार, 23 अप्रैल की है। जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच मोमराज राठिया अपनी बाइक से किसी काम के सिलसिले में बाहर गए थे। शाम को जब वे कोटरीमाल के पास से गुजर रहे थे, तभी अचानक सड़क पर लड़ रहे दो मवेशी उनकी बाइक के सामने आ गए।
- टक्कर का प्रभाव: मवेशियों की आपसी भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बाइक अनियंत्रित हो गई।
- गंभीर चोट: टक्कर लगते ही मोमराज राठिया बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरे। हेलमेट न होने या गिरने के प्रभाव के कारण उनके सिर पर गहरी चोट आई।
प्रशासनिक ढिलाई और देरी के आरोप
हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत ‘डायल 112’ को सूचना दी। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि:
”सूचना देने के बावजूद करीब आधे घंटे तक कोई मदद या एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस कीमती समय के बर्बाद होने के कारण घायल की स्थिति और अधिक बिगड़ गई।”
उपचार और दुखद अंत
घायल अवस्था में उन्हें तत्काल घरघोड़ा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, सिर में अंदरूनी चोट लगने के कारण वे कोमा में चले गए थे। मेडिकल कॉलेज की टीम ने उन्हें बचाने की निरंतर कोशिश की, लेकिन आज सुबह करीब 8:00 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
क्षेत्र में शोक की लहर
पूर्व सरपंच मोमराज राठिया के निधन की खबर मिलते ही रायकेरा और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर आवारा मवेशियों की समस्या और आपातकालीन सेवाओं की देरी को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।