रायगढ़: नशे में धुत दबंग का बरौद माइंस क्षेत्र में तांडव; टैंकर चालक पर चिमटे से जानलेवा हमला, सिर फोड़ा
घरघोड़ा/रायगढ़ | 9 जनवरी, 2026
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
बरौद माइंस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक नशेड़ी युवक द्वारा पानी टैंकर चालक के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। मामूली विवाद को लेकर हुए इस हमले में आरोपी ने रोटी सेकने वाले लोहे के चिमटे से वार कर चालक का सिर फोड़ दिया। लहूलुहान हालत में पीड़ित ने थाने पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है।
घटना का विवरण: ‘रोटी सेकना’ पड़ा भारी
जानकारी के अनुसार, टैंकर क्रमांक CG 13 AJ 0566 का चालक बलराम कुमार अपने साथियों के साथ बरौद कंपनी स्थित एसईसीएल (SECL) कार्यालय के पीछे ‘बाबा ढाबा’ में भोजन करने गया था। ढाबे पर भीड़ अधिक होने के कारण संचालक के अनुरोध पर बलराम स्वयं अपनी रोटी सेकने लगा। इसी दौरान बरौद निवासी प्रेमसागर झरिया नशे की हालत में वहाँ पहुँचा और अकारण ही विवाद शुरू कर दिया।
गाली-गलौज और जानलेवा हमला
आरोपी प्रेमसागर ने पहले चालक को भद्दी-भद्दी गालियां दीं। विवाद यहीं नहीं थमा, आरोपी ने टैंकर के पास पहुँचकर वाहन बंद कर दिया और चालक को जान से मारने की धमकी देने लगा। आवेश में आकर आरोपी ने हाथ में रखे रोटी सेकने वाले चिमटे से बलराम के सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी ने उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से भी जमकर पीटा।
साथियों ने बचाई जान
मौके पर मौजूद चालक के साथियों, सुनील साय और हीराधन यादव ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो वे तुरंत बीच-बचाव के लिए दौड़े। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद बलराम को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी धाराएं
पीड़ित चालक ने अपने वाहन मालिक आनंद अग्रवाल को घटना की सूचना दी, जिसके बाद मामला थाने पहुँचा। घरघोड़ा पुलिस ने बलराम की लिखित शिकायत पर आरोपी प्रेमसागर झरिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 296: अश्लील कृत्य और गालियां देना।
- धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना।
- धारा 351(2): आपराधिक धमकी देना।
- धारा 173 BNSS: के अंतर्गत जाँच शुरू।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
बरौद माइंस जैसे औद्योगिक और संवेदनशील क्षेत्र में सरेआम इस तरह की वारदात होना स्थानीय पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में नशे का कारोबार और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है, जिससे आम कामगारों का सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया है।
अब क्षेत्र की जनता की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और उसे कितनी सख्त सजा मिलती है।

