ब्यूरो चीफ़: गणपत चौहान छत्तीसगढ़
रायगढ़। रायगढ़ नगर निगम की ‘शहर सरकार’ ने सोमवार को वित्तीय वर्ष के लिए अपना वार्षिक बजट पेश कर दिया है। महापौर जीवर्धन चौहान ने परिषद के समक्ष 480 करोड़ 36 लाख रुपये का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट की सबसे खास बात यह रही कि निगम ने 22 करोड़ 24 लाख 21 हजार रुपये के अनुमानित लाभ का दावा किया है, जिसे शहर के विकास कार्यों में निवेश करने की योजना है।
बजट का गणित: आय और व्यय का लेखा-जोखा
महापौर द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, निगम को आगामी वर्ष में विभिन्न माध्यमों से 480.36 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है, जबकि विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर 458.11 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
- राजस्व का लक्ष्य: निगम ने करों के माध्यम से 94.74 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
- पूंजीगत आय: अनुदान, ऋण और निवेश के जरिए 387.62 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।
आमदनी बढ़ाने के लिए करों में संशोधन
निगम ने अपनी माली हालत सुधारने के लिए आय के स्रोतों में विस्तार किया है। संपत्ति और समेकित कर में वृद्धि के साथ-साथ विज्ञापन टैक्स और उत्पाद कर को भी बढ़ाया गया है।
- बार लाइसेंस से होने वाली आय का लक्ष्य बढ़ाया गया है।
- निगम की संपत्तियों (भवन, दुकान, भूमि) से होने वाली आय को 32 करोड़ से बढ़ाकर 34 करोड़ रुपये किया गया है।
- केंद्र और राज्य सरकार से 27.12 करोड़ रुपये के अनुदान की उम्मीद जताई गई है।
- राहत की बात यह है कि जलकर वसूली का लक्ष्य पिछले वर्ष के मुकाबले कम रखा गया है।
विकास और सुविधाओं पर फोकस (प्रमुख खर्च)
बजट में शहर की बुनियादी सुविधाओं और कर्मचारियों के कल्याण पर बड़ा प्रावधान किया गया है:
- सफाई और शुद्ध जल: 24 करोड़ रुपये।
- वेतन व पारिश्रमिक: 20 करोड़ रुपये।
- पेंशन व सेवानिवृत्ति लाभ: 29.68 करोड़ रुपये।
- सड़क, नाली व मेंटेनेंस: 9.71 करोड़ रुपये।
- बिजली बिल: 11 करोड़ रुपये।
- संसाधन खरीदी: 19 करोड़ रुपये।
डिजिटल पहल: “जोहार–रायगढ़” चैटबॉट एप
शहरवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए महापौर ने “जोहार–रायगढ़” नामक चैटबॉट एप की शुरुआत की। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक सीधे अपनी शिकायतें और सुझाव निगम प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है।
विपक्ष का हंगामा: विकास निधि में भेदभाव का आरोप
बजट सत्र के दौरान सदन में काफी गहमागहमी देखने को मिली। विपक्षी पार्षदों ने बजट प्रस्तावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा पार्षद आशीष ताम्रकार ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वार्ड विकास निधि का आवंटन निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि निधि वितरण में ‘चेहरा’ देखकर भेदभाव किया जा रहा है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनदेखी हो रही है। ताम्रकार ने मांग की कि शहर के तालाबों के उन्नयन की योजना में उनके वार्ड के तालाबों को भी प्राथमिकता दी जाए।
महापौर जीवर्धन चौहान ने विरोध के बीच आश्वस्त किया कि यह बजट सर्वजन हिताय है और आने वाले वर्ष में शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगा।
