गणपत चौहान
घरघोड़ा/रायगढ़:
रायगढ़ कोयलांचल क्षेत्र की श्रमिक राजनीति में रविवार देर रात एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। क्षेत्र के कद्दावर और वरिष्ठ मजदूर नेता अटल बिहारी नायक ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ एक बार फिर साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (SEKMC-INTUC) का दामन थाम लिया है।
इस घटनाक्रम को क्षेत्र में श्रमिक आंदोलनों और आगामी सांगठनिक मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केन्द्रीय अध्यक्ष ने कराया विधिवत प्रवेश
SEKMC इंटक के केन्द्रीय अध्यक्ष, SECL संचालन समिति के सदस्य और कोल इंडिया के 11वें JBCCI सदस्य श्री गोपाल नारायण सिंह ने अटल बिहारी नायक को संगठन का झंडा सौंपकर उनका विधिवत स्वागत किया। देर रात आयोजित इस कार्यक्रम में नायक के साथ उनके समर्थक कार्यकर्ताओं ने भी इंटक की सदस्यता ग्रहण की।
प्रमुख वक्तव्य: क्यों हुई यह ‘घर वापसी’?
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- अटल बिहारी नायक (मजदूर नेता): ”मेरी वैचारिक शुरुआत SEKMC इंटक से ही हुई थी। कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण मैं दूसरे संगठन में चला गया था, लेकिन आज मेरी ‘घर वापसी’ हुई है। अब मैं सदैव इंटक के एक निष्ठावान सिपाही के रूप में मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा।”
”मेरी वैचारिक शुरुआत SEKMC इंटक से ही हुई थी। कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण मैं दूसरे संगठन में चला गया था, लेकिन आज मेरी ‘घर वापसी’ हुई है। अब मैं सदैव इंटक के एक निष्ठावान सिपाही के रूप में मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा।”
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- गोपाल नारायण सिंह (केन्द्रीय अध्यक्ष): “मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए हमारा संघ जो निरंतर संघर्ष कर रहा है, उससे प्रभावित होकर लगातार लोग हमसे जुड़ रहे हैं। अटल बिहारी नायक जैसे जुझारू नेता का साथ आने से संगठन की धार और तेज होगी।”
- मुकेश कुमार मंडल (रायगढ़ महामंत्री): “अटल बिहारी नायक एक संघर्षशील युवा चेहरा हैं। उनके आने से न केवल रायगढ़ क्षेत्र में संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि श्रमिक आंदोलनों में एक नई ऊर्जा का संचार होगा।”
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इन दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक मिलन के दौरान इंटक के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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- रमेश दास महंत (क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, रायगढ़)
- रिपुसूदन पाण्डेय (वरिष्ट क्षेत्रीय उपाध्यक्ष)
- साधु बी.पी. (क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक कार्यालय शाखा अध्यक्ष)
- रविकांत मनहर (सचिव, जामपाली)
- मुकेश कुमार मंडल (जिला महासचिव)
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क्षेत्रीय प्रभाव
जानकारों का मानना है कि अटल बिहारी नायक की पकड़ स्थानीय खदान श्रमिकों और विशेषकर युवा वर्ग में काफी मजबूत है। उनके वापस आने से रायगढ़, जामपाली और आसपास के कोयला क्षेत्रों में SEKMC इंटक का वर्चस्व बढ़ेगा, जिसका सीधा असर आने वाले समय में प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली वार्ताओं पर पड़ सकता है।