करंट से हुआ था शिकार; दो आरोपी गिरफ्तार
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कुरकुट नदी में दो नवजात हाथियों के शव मिलने की गुत्थी वन विभाग ने सुलझा ली है। विभाग ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हाथियों की मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि अवैध रूप से बिछाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से हुई थी।
क्या है पूरा मामला?
बीती 11 फरवरी को घरघोड़ा वन परिक्षेत्र की कुरकुट नदी के सोपानी क्षेत्र के पास दो शावक हाथियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया था। नदी के बीच शव होने के कारण शुरुआत में मौत के कारणों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ वन मंडलाधिकारी (DFO) अरविंद पीएम के निर्देश और उप वन मंडलाधिकारी आशुतोष मंडावा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत सिंह के नेतृत्व में टीम ने जब पाका दरहा गांव और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच शुरू की, तो शिकार की परतें खुलने लगीं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने खेत की सिंचाई के लिए नदी में मोटर लगाई थी और सुरक्षा के नाम पर चारों ओर बिजली का करंट प्रवाहित कर दिया था। लगभग तीन दिन पहले ये दोनों नन्हे हाथी इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दो गिरफ्तार, एक अब भी फरार
वन विभाग ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है:
- रामकुमार राठिया (55 वर्ष), पिता मेहत राम (निवासी- पाका दरहा)
- धरम सिंह राठिया (38 वर्ष), पिता फूल सिंह (निवासी- पाका दरहा)
विभाग ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई सामग्री भी जब्त की है, जिसमें सोलर प्लेट, बिजली के तार, बैटरी, फेंसिंग वायर और वाटर पाइप शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। हालांकि, इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में विभाग लगातार छापेमारी कर रहा है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई
वन विभाग ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
