रामपुरा की ढाणी में दो पक्षों में हिंसक झड़प, नौ लोग गिरफ्तार — किशनगढ़ पुलिस की तत्परता से बिगड़ते हालात पर काबू
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 17,2025
(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर। किशनगढ़ थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरगांव के रामपुरा की ढाणी में मंगलवार को एक मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते दो पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से लैस होकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। इस घटना में एक पक्ष के नौ लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की तत्परता से गांव में हालात बिगड़ने से बच गए।

झगड़े की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची
15 जुलाई को रामपुरा की ढाणी में दो पक्षों में मारपीट की सूचना पर किशनगढ़ थाने से हेड कांस्टेबल रामनिवास को पुलिस जाप्ते के साथ तुरंत मौके पर रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचने पर देखा गया कि एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष से मारपीट कर रहे थे और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था।
आरोपी नहीं माने, लगातार कर रहे थे झगड़ा
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी पक्ष के लोग लगातार आक्रामक रवैया अपनाते रहे और समझाइश के बावजूद धमकियां देकर झगड़ा करने पर उतारू थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी भीखाराम काला ने एक विशेष पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और आरोपी पक्ष के नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- सुखदेव (40 वर्ष)
- नंदराम (38 वर्ष)
- किशनलाल (68 वर्ष)
- विश्राम (38 वर्ष)
- मनोज (29 वर्ष)
- अर्जुन (38 वर्ष)
- लक्ष्मण (34 वर्ष)
- बागा (55 वर्ष)
- कालू (54 वर्ष)
सभी आरोपी रामपुरा की ढाणी व सरगांव के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पीड़ित पक्ष ने दर्ज करवाई रिपोर्ट, मामला दर्ज
मारपीट के शिकार हुए पीड़ित पक्ष ने थाने में विस्तृत रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर अलग से मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई, पुलिस सतर्क
फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की दोबारा हिंसा की आशंका को रोका जा सके।
किशनगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी अनहोनी टली, प्रशासन सतर्क और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर गंभीर नजर आ रहा है।