रातल्या गांव में गूंजे ठाकुरजी के भजन: 32 वर्षों से जारी है प्रदोष व्रत पर सत्संग की परंपरा, श्रद्धालु हुए भावविभोर
जयपुर | 30 जनवरी, 2026
| योगेश शर्मा
डिग्गी-मालपुरा मेगा हाईवे स्थित रातल्या गांव शुक्रवार को पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। अवसर था प्रदोष व्रत का, जिसके उपलक्ष्य में गांव के प्राचीन ठाकुरजी महाराज मंदिर परिसर में एक दिवसीय विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। भजनों की अमृत वर्षा से पूरा गांव आध्यात्मिक रंग में डूब गया।
तीन दशकों से जारी है भक्ति का संकल्प
कार्यक्रम संयोजक रामकृष्ण मेहता और दिनेश बागड़ा ने बताया कि रातल्या गांव में यह परंपरा पिछले 32 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। हर महीने आने वाले प्रदोष व्रत पर ग्रामीण एकत्रित होते हैं और भजन मंडलियों के माध्यम से ठाकुरजी को रिझाने का प्रयास करते हैं। यह निरंतरता क्षेत्र में श्रद्धा और एकता का प्रतीक बन चुकी है।
भजन संध्या के मुख्य आकर्षण
भजन गायक पंडित रमेश शर्मा के सान्निध्य में भजन गायन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं, जिससे भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे। सत्संग में गाए गए कुछ प्रमुख भजन इस प्रकार रहे:
- ‘भोला नाथ अमली’
- ‘मेवाड़ी राणा भजणा सूं लागी मीरा मीठी’
- ‘धतूरो बोयो वन में’
- ‘चाल सखी सत्संग में चाला’
- ‘सत्संग बिना नैया पार नहीं’
गणमान्य जनों की उपस्थिति
भक्ति की इस पावन बेला में गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इस अवसर पर मुख्य रूप से:
- सीए महेश अचरावाला, राजुलाल चेला, शंकर लाल मेहता
- कैलाशचन्द शर्मा, रामप्रताप मैहता, बाबू खां
सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने ठाकुरजी की आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
