लापरवाही पर दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जयपुर | 20 फरवरी, 2026
| नरेश गुनानी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने 84 हजार 282 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता जनसेवा है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों और समस्याओं का निस्तारण उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा:
- कड़ी कार्रवाई: राजकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- समयबद्धता: परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों ताकि उनकी लागत न बढ़े और जनता को समय पर लाभ मिल सके।
- संपर्क पोर्टल: राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की जिला और विभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जैसलमेर के धन्नाराम सहित कई परिवादियों से सीधा फीडबैक भी लिया, जिन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
पावर ग्रिड और औद्योगिक विकास को गति
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विस्तार के लिए विशिष्ट निर्देश जारी किए:
- ट्रांसमिशन लाइन: 765 केवी ब्यावर-दौसा और सीकर-खेतड़ी ट्रांसमिशन लाइनों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
- भीलवाड़ा टेक्सटाइल पार्क: उद्योग विभाग को कार्य शीघ्र पूर्ण कर भूखंड आवंटन प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
- खनन निगरानी: अवैध खनन और ओवरलोडिंग रोकने के लिए RFID और GPS आधारित निगरानी प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। इसके लिए खान और परिवहन विभाग के पोर्टल्स का एकीकरण (Integration) किया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कई घोषणाओं की प्रगति जांची:
- निजी क्षेत्र में रोजगार: 5 साल में 6 लाख युवाओं को रोजगार देने के लक्ष्य के तहत अब तक 2 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में अवसर मिल चुके हैं।
- स्किल डेवलपमेंट: आगामी वर्ष में 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड वोकेशनल ट्रेनिंग’ शुरू की जाएगी।
- वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट: इस नीति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने पर बल दिया गया।
महिला कल्याण और अन्य विकास कार्य
- उड़ान योजना: कालीबाई भील उड़ान योजना के तहत सेनेटरी नैपकिन की सुचारू आपूर्ति वितरण केंद्रों पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- बस स्टैंड: भरतपुर और अलवर में बनने वाले नवीन बस स्टैंडों के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने को कहा गया।
- बजट घोषणाएं: जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि पिछले वर्ष की लंबित बजट घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करें।
क्या है ‘राज-उन्नति’ पहल?
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू की गई ‘राज-उन्नति’ एक ऐसी व्यवस्था है जिसके माध्यम से राज्य की बड़ी परियोजनाओं, बजट घोषणाओं और आमजन की परिवेदनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विकास को गति देना और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, शासन सचिव और सभी जिला कलेक्टर्स उपस्थित रहे।
