राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रति दिखा व्यापक उत्साह
महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी लेने उमड़ रहे हैं विजिटर्स
| सुनील शर्मा
जयपुर, 16 दिसम्बर।
राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जयपुर स्थित जवाहर कला केन्द्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा 15 दिसम्बर से आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल पर आमजन का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विजिटर्स विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और इनसे लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ कर रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं एवं महिला अधिकारिता) की स्टॉल पर विभाग द्वारा संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई जा रही है। स्टॉल पर योजनाओं के उद्देश्य, लाभ, पात्रता तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
प्रदर्शनी में ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 60 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 16 लाख बच्चों को सप्ताह में पांच दिन स्किम्ड मिल्क पाउडर से निर्मित ताजा एवं गरम दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना और उन्हें स्वस्थ बनाना है।
स्टॉल पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी भी दी जा रही है, जिसके अंतर्गत देय सहायता राशि को बढ़ाकर 5 हजार रुपये से 6 हजार 500 रुपये किया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 9 लाख 92 हजार गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
इसके साथ ही दूसरी संतान के जन्म पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 170 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की जानकारी भी आमजन को दी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य माताओं एवं शिशुओं के पोषण स्तर में सुधार करना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
प्रदर्शनी में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं जैसे पूरक पोषाहार, शाला पूर्व शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा सहित अन्य कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी भी विजिटर्स को दी जा रही है। स्टॉल पर प्रदर्शित जानकारी को देखकर आमजन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है और बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे विभाग की योजनाओं के प्रति आमजन में जागरूकता और विश्वास दोनों बढ़ा है।