राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग के स्टॉल में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने किया अवलोकन

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग के स्टॉल में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने किया अवलोकन

ऊष्ट्र संरक्षण योजना सहित पशुपालन योजनाओं के प्रति महिलाओं और युवाओं में दिखा विशेष उत्साह

| नरेश गुनानी

जयपुर, 17 दिसंबर।
राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग के स्टॉल पर आमजन की उल्लेखनीय भीड़ देखने को मिल रही है। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं में पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने को लेकर उत्साह नजर आया।

पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने प्रदर्शनी स्थल पर विभागीय स्टॉल का अवलोकन किया और वहां मौजूद अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

डॉ. समित शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के कल्याण के लिए निरंतर नई-नई योजनाएं ला रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पशुपालक खुशहाल होगा, तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। पशुपालकों के हितों को केंद्र में रखते हुए बीते दो वर्षों में सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण और कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं।

प्रदर्शनी में पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभागों का संयुक्त स्टॉल लगाया गया है, जहां विभागों की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों को फिल्मों, मुद्रित सामग्री और कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। साथ ही पशुपालन एवं गोपालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी आगंतुकों को दी जा रही है।

स्टॉल पर गाय के गोबर से निर्मित विविध उपयोगी एवं सजावटी उत्पाद, मछलियों और सीप से बनाए जाने वाले मोती विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इन उत्पादों को देखने और समझने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टॉल पर पहुंचे।

आगंतुकों ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, ऊष्ट्र संरक्षण योजना और सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना में विशेष रुचि दिखाई। इन योजनाओं से संबंधित पठन सामग्री की भी स्टॉल पर भारी मांग रही।

ऊष्ट्र संरक्षण योजना के तहत ऊंटों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए टोडियों के जन्म पर दो किश्तों में कुल 20 हजार रुपये की सहायता राशि टोडियों के पालन-पोषण के लिए प्रदान की जाती है। इस योजना के माध्यम से अब तक 16 करोड़ 84 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर 9,240 ऊंटपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में 6 लाख पशुपालकों के लगभग 11 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

प्रदर्शनी में गौरक्षा एवं संवर्द्धन नीति, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, पशु मेलों की जानकारी सहित पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग का यह स्टॉल न केवल जनजागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर रहा है।

 

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