राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष
2 साल: नव उत्थान – नई पहचान, बढ़ता राजस्थान
अन्नदाताओं के सम्मान, समृद्धि और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्यरत राज्य सरकार
15 दिसम्बर 2025 | 01:20 PM
जयपुर
| नरेश गुनानी
राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि बीते दो वर्षों में राजस्थान ने कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान कल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अन्नदाताओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
किसानों को वित्तीय सहायता, ब्याजमुक्त फसली ऋण, फसल बीमा, समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद, सिंचाई और बिजली की बेहतर व्यवस्था, पशुपालन को बढ़ावा तथा कृषि के आधुनिकीकरण से जुड़े अनेक दूरदर्शी कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि खेती से जुड़े जोखिम भी कम हुए हैं और युवा वर्ग खेती की ओर आकर्षित हो रहा है।
प्रदेश के 76.18 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अधिकतम किसानों तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। किसानों की संख्या के आधार पर राजस्थान इस योजना में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक प्रदेश के 76.18 लाख किसानों को 10,432 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
किसानों को और अधिक आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वार्षिक सहायता राशि को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया है।
44 हजार करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण और 6 हजार करोड़ से अधिक के बीमा क्लेम
किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। अब तक 44,067 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किया गया है, जिससे बुवाई और कृषि कार्यों के लिए किसानों को समय पर पूंजी मिल सकी।
इसके अलावा 356 करोड़ रुपये का दीर्घकालीन सहकारी ऋण रियायती ब्याज दर पर दिया गया है। किसानों को बिजली बिलों में राहत देने के लिए 44,558 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया है।
प्राकृतिक आपदाओं और फसल खराबे से किसानों को सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। इसके अंतर्गत अब तक 6,207 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम का भुगतान कर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है।
समर्थन मूल्य पर फसल खरीद, 8 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बड़े पैमाने पर खरीद की गई है।
- 2.66 लाख किसानों से 33.42 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की सरकारी खरीद
- 471.16 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान
- 12.60 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद
- लगभग 5 लाख किसानों को 8,191 करोड़ रुपये का भुगतान
22 जिलों में दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई और बिजली सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है।
- 10,418 करोड़ रुपये की लागत से 84,592 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित
- 1.86 लाख नए कृषि विद्युत कनेक्शन जारी
- 22 जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था
पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान का उत्कृष्ट प्रदर्शन
स्वच्छ ऊर्जा और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में राजस्थान ने पीएम-कुसुम योजना में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
- कुसुम-बी के अंतर्गत 51,927 सोलर पंप स्थापित
- 822 करोड़ रुपये का अनुदान
- कुसुम-ए में देश में प्रथम स्थान
- कुसुम-सी में तृतीय स्थान
पशुपालन को बढ़ावा, 84 हजार परिवारों को ब्याजमुक्त ऋण
कृषि के साथ-साथ पशुपालन को आय का मजबूत स्रोत बनाने के लिए कई योजनाएँ लागू की गई हैं।
- मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20.30 लाख पशुओं का बीमा
- दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना से 5 लाख पशुपालकों को 1,172 करोड़ रुपये की सहायता
- गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 84,604 परिवारों को 634 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण
कृषि आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस
कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर अनुदान प्रदान किया है।
- 43,327 डिग्गी एवं फार्म-पॉन्ड निर्माण पर 371 करोड़ रुपये का अनुदान
- 1.02 लाख कृषि यंत्रों पर 230 करोड़ रुपये की सहायता
- 2.21 लाख किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर के लिए 1,018 करोड़ रुपये
- 29,926 किलोमीटर तारबंदी पर 330 करोड़ रुपये
- 42.66 लाख वर्गमीटर ग्रीन और शेडनेट हाउस पर 197 करोड़ रुपये का अनुदान।

