राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष
2 सालः नव उत्थान – नई पहचान, बढ़ता राजस्थान – हमारा राजस्थान
सर्द मौसम में बेघरों के लिए संवेदनशील राज्य सरकार
प्रदेशभर में स्थायी एवं अस्थायी आश्रय स्थल बन रहे बेसहारों का सहारा
138 नगरीय निकायों में लगभग 12 हजार व्यक्तियों की क्षमता के 238 स्थायी आश्रय स्थल संचालित
| नरेश गुनानी
जयपुर, 14 दिसम्बर।
राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की सर्दी का प्रकोप आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है और मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में सर्दी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह मौसम सबसे अधिक कठिनाई उन लोगों के लिए लेकर आता है, जिनके पास रात बिताने के लिए सुरक्षित छत उपलब्ध नहीं होती।
राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर “2 सालः नव उत्थान – नई पहचान, बढ़ता राजस्थान – हमारा राजस्थान” की भावना को साकार करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बेसहारा एवं बेघर लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधायुक्त आश्रय उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। डबल इंजन सरकार जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि सर्दी, बारिश और प्रचंड गर्मी जैसे कठिन मौसम में कोई भी व्यक्ति बिना आसरे के न रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार द्वारा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की पूर्व में संचालित दीनदयाल अन्त्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत निर्मित स्थायी आश्रय स्थलों के माध्यम से शहरी बेघर व्यक्तियों को निःशुल्क आश्रय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के कुल 138 नगरीय निकायों में लगभग 12 हजार व्यक्तियों की क्षमता के 238 स्थायी आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में योजना के प्रावधानों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, स्नानघर, रसोई, गीजर एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे आश्रय लेने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित और गरिमामय वातावरण मिल सके।
इसके अतिरिक्त, मौसम की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 109 नगरीय निकायों में आवश्यकता अनुसार लगभग 9435 व्यक्तियों की क्षमता के 139 अस्थायी आश्रय स्थलों का भी संचालन किया जा रहा है। इन अस्थायी आश्रय स्थलों में भी सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को राहत प्रदान की जा सके।
राज्य सरकार की यह पहल राजस्थान के प्रत्येक नागरिक के बहुआयामी उत्थान और सर्वांगीण विकास के संकल्प को दर्शाती है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं ‘नर सेवा नारायण सेवा’ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक राहत और सहारा पहुंचा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की शुरुआत में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रैन बसेरों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे लोगों से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानी तथा सड़कों पर रहने वाले निराश्रित लोगों को कंबल वितरित कर राहत पहुंचाई थी।
राज्य सरकार की यह निरंतर पहल यह सुनिश्चित कर रही है कि सर्द मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति असुरक्षित न रहे और हर नागरिक को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिल सके।

